16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आयुक्त के लिए IPS अफसरों में शुरु हुई अदावत, श्रीवास्तव को लेकर शासन असमंजस में

किसे हटाएं और किसे बनाएं पर चल रहा मंथन    

2 min read
Google source verification
परिवहन

Preparation of expansion of transport service in the zone

राधेश्याम दांगी, भोपाल. परिवहन आयुक्त को लेकर आईपीएस अफसर संजय माने और वी. मधु कुमार में अदावत चल रही है। दोनों ही परिवहन आयुक्त की दौड़ में शामिल है। वरिष्ठता के हिसाब से संजय माने आगे हैं, लेकिन मधु कुमार भी इसके लिए काफी प्रयास कर रहे हैं। यही नहीं पुलिस-गृह विभाग और शासन स्तर पर भी परिवहन आयुक्त को लेकर पशोपश चल रहा है।

यहां भी किसी एक नाम पर एक राय नहीं हो पा रहे हैं। नाम तय होने से ज्यादा मौजूदा परिवहन आयुक्त डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव की पदस्थापना ने भी शासन को असमंजस में डाल रखा है। डॉ. श्रीवास्तव चाहते हैं कि उन्हें अच्छी जगह पदस्थ किया जाए। उनके नाम की चर्चा लोकायुक्त डीजी की भी है, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि मौजूदा लोकायुक्त डीजी अनिल कुमार को कहां भेजा जाए और उन्हें क्यों हटाया जाए।

परिवहन आयुक्त पद के लिए जहां आईपीएस अफसर दौड़ में आगे निकलना चाह रहे हैं वहीं, डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव की इच्छा है कि वे परिवहन आयुक्त पद से ही रिटायर हो जाए। पुलिस अफसरों में चर्चा है कि डॉ श्रीवास्तव चाहते हैं कि यदि रिटायरमेंट से पहले हटाया जाता हैं तो अच्छी जगह पदस्थापना की जाए।

डॉ श्रीवास्तव के रिटायरमेंट में करीब 11 महीने ही शेष है। बताया जा रहा है कि उन्होंने इच्छा जताई है कि लोकायुक्त डीजी बना दिया जाए। इस मामले में डॉ शैलेंद्र श्रीवास्तव से लगातार बात करना चाही, उन्हें एसएमएस भी भेजा गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।

पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन में एडीजी संजय वी. माने का रिटायरमेंट 2021 में है। 1989 बैच के अफसर होने के नाते वे भी परिवहन आयुक्त के लिए प्रयास कर रहे हैं। वहीं, 1989 बैच के वी. मधु कुमार वर्तमान में एडीजी लोकायुक्त में पदस्थ है, लेकिन यह कुर्सी उन्हें रास नहीं आ रही है।

वे भी परिवहन आयुक्त के लिए मन बनाए हुए हैं। ईओडब्ल्यू में रहते हुए मधु कुमार ने ई-टेंडर घोटाले की गहराई से जांच की थी। मधु कुमार भी ऐसा कहते हैं, कि उनके द्वारा ई-टेंडर घोटाले को लेकर जो कार्रवाई की योजना बनाई थी, उसके अनुसार काफी काम हो रहा है। उन्हें इसका लाभ मिल सकता है।
वर्जन

मुझसे बहुत बड़े-बड़े लोग बैठे हैं और लगे हुए हैं। मुझे नहीं पता कि क्या हो रहा है और मेरा नाम चल रहा है।
- संजय माने, संचालक/एडीजी पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन