
आयकर का शिकंजा: 24 अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के दस्तावेज मिले, किसने कितना पैसा दिया इसका भी ब्यौरा
भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर छापे की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी है। आयकर की कार्रवाई रविवार सुबह 3 बजे से सीएम कमलनाथ के करीबियों के देशभर में 50 ठिकानों में की गई थी। सूत्रों का कहना है कि पैसों से भरे अभी 11 बैग खुलना बाकी हैं। रविवार देर रात नोट गिनने की छह मशीन बुलवाई गईं थीं। वहीं, भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा में प्रतीक जोशी के यहां करोड़ों रुपए नकद मिल चुके हैं। प्रतीक सीएम के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़ का करीबी बताए जाते हैं।
ट्रांसफर-पोस्टिंग के दस्तावेज बरामद
अश्विनी शरमा के घर से आयकर विभाग को 24 से ज्यादा आइएएस-आएपीएस अफसरों के तबादले से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। बताया जा रहा है कि इनमें अधिकारियों के नाम और उनके द्वारा दी गई रकम का ब्यौरा है। शर्मा के दो फ्लैट से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप औऱ पेन ड्राइव भी बरामद किए गए हैं।
इनके यहां हुई छापेमारी
रविवार तड़के 3 बजे भोपाल, इंदौर, दिल्ली, कोलकाता समेत 50 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई हवाला के जरिए हुए पैसे के लेन-देन और टैक्स चोरी की आशंका के चलते की गई। कमलनाथ के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़, भांजे रतुल पुरी, सलाहकार आरके मिगलानी, कक्कड़ के करीबी प्रतीक जोशी और अश्विन शर्मा के ठिकाने खंगाले गए।
सीएम कमलनाथ के ओएसडी हैं प्रवीण कक्कड़
सीएम कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के इंदौर स्थिति ठिकानों पर कार्रवाई की गई है। प्रवीण कक्कड़ इंदौर में टीआई थे। उन्हें राष्ट्रपति अवॉर्ड भी मिला है। 2004 में नौकरी छोड़कर वे पूर्व केंद्रीय मंत्री औऱ झाबुआ-रतलाम से कांग्रेस के सांसद कांतिलाल भूरिया के स्टॉफ ऑफिसर बने थे।
मुख्यमंत्री के सलाहकार हैं राजेंद्र मिगलानी
कमलनाथ के के निजी सचिव हैं राजेन्द्र मिगलानी वो पहले लोकसभा चुनाव से ही उनके साथ हैं। बताया जा रहा है कि मिगलानी सीएम कमलनाथ के बिजनेस और राजनीति से जुड़े सारे कामकाज देखते हैं। मुख्यमंत्री से कौन मिलेगा, यह भी मिगलानी तय करते हैं।
मुख्यमंत्री के भांजे हैं रतुल पुरी
रतुल पुरी कमलनाथ के भांजे हैं। वे अमिरा ग्रुप और मोजेर बियर कंपनी से जुड़े हैं। ईडी अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर मामले में पूछताछ कर ही रही है। वो एक नामी पावर कंपनी के भी मालिक हैं।
अश्विनी शर्मा के पास कई फ्लैट और लग्जरी गाड़ियां
राजधानी में रविवार को आयकर छापे में मुख्यमंत्री के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के करीबी अश्विनी शर्मा के पास प्लेटिनम प्लॉजा में कई फ्लैट और लग्जरी गाड़ियां मिली हैं। पूरे प्लॉजा में अश्विनी शर्मा की लक्जरी गाड़ियों की चर्चा का केंद्र रहती हैं। उनके पास दो लेंड रोवर, तीन मर्सिडीज और तीन विंटेज कार का कलेक्शन है। बताया जा रहा है कि शर्मा ने अपने विंग में चौथे और छठे फ्लोर के सारे फ्लैट या तो खुद खरीद रखे हैं या फिर वहां उनके परिजन रहते हैं। बताया जा रहा है कि लग्जरी कारों का बेड़ा देख चौंक गई थी। अश्वनी शर्मी विंटेज गाडियों और हाई प्रोफाइल पार्टियों का शोक रखता है। प्लेटिनम प्लॉजा बेसमेंट से छह से ज्यादा गाड़ियां मिलीं हैं जिनकी कीमत 1 से डेढ़ रुए से ज्यादा की बताई जा रही है।
अश्विनी शर्मा के घर के बाहर जमकर हंगामा
आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद मध्यप्रदेश में अश्विनी शर्मा को लेकर एमपी पुलिस और CRPF आमने सामने आ गई थीं। इस दौरान CRPF जवानों की एमपी पुलिस से झड़प भी हुई। वहीं CRPF ने एमपी पुलिस को अंदर जाने से रोका गया। इधर, मप्र पुलिस ने अश्विनी शर्मा के घर को घेरा लिया है। जिसके चलते अश्विनी शर्मा के घर के बाहर जमकर हंगामा किया गया। मप्र पुलिस और CRPF जवानों में तीखी बहस हुई है। दरअसल, अश्विनी शर्मा को IT की टीम दिल्ली ले जाना चाहती है, लेकिन सूत्रों के अनुसार मध्यप्रदेश पुलिस इसे लेकर तैयार नहीं है। जिसके चलते मप्र पुलिस ने अश्विनी शर्मा के घर को चारों तरफ से घेर लिया था।
सीआरपीएफ ने बुलाए और जवान
मप्र पुलिस की इस कार्रवाई को देखते हुए CRPF ने भी हैड क्वॉर्टर से और टीम को बुला लिया था। इंदौर में भी मप्र पुलिस को कक्कड़ के घर के बाहर रोका गया, जहां SSP की CRPF अधिकारी से बहस हुई थी। यहां सीआरपीएफ का कहना है कि मप्र पुलिस हमें अपना काम नहीं करने दे रही। वहीं सूत्रों के मुताबिक मप्र पुलिस अश्विनी को दिल्ली नहीं ले जाने देना चाहती। इसी के चलते छापे वाली जगहों पर मप्र पुलिस ने डेरा डाल दिया है।
क्या कहा CRPF के अधिकारी ने
सीआरपीएफ अधिकारी प्रदीप कुमार ने कहा- मध्य प्रदेश पुलिस हमें काम नहीं करने दे रही है, वे हम पर गालियां दे रहे हैं। हम केवल अपने सीनियर्स के आदेशों का पालन कर रहे हैं। सीनियर्स ने हमें किसी को भी अंदर नहीं जाने देने के लिए कहा है। कार्यवाही जारी है, इसीलिए हम किसी को अंदर नहीं जाने दे रहे हैं। केवल अपना कर्तव्य निभा रहे हैं।
क्या कहा मध्यप्रदेश पुलिस ने
सिटी एसपी भोपाल भूपिंदर सिंह ने कहा कि आयकर विभाग की छापेमारी से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। यह एक आवासीय परिसर है, अंदर ऐसे लोग हैं जिन्हें चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। वो लोग मदद के लिए स्थानीय एसएचओ को बुला रहे हैं। लेकिन छापेमारी के कारण आयकर विभाग ने पूरे परिसर को बंद कर दिया है।
लोकसभा में भाजपा को हार का डर, इसलिए हो रही कार्रवाई: कमलनाथ
कार्रवाई को लेकर सीएम कमलनाथ ने कहा- आयकर विभाग के छापों की सारी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है। सारी स्थिति स्पष्ट होने पर ही इस पर कुछ कहना उचित होगा। लेकिन पूरा देश जानता है कि संवैधानिक संस्थाओं का किस तरह व किन लोगों के खिलाफ कैसे इस्तेमाल हो रहा है। ये लोग पिछले 5 वर्षों में करते आये हैं। इनका उपयोग कर डराने का काम करते हैं। जब इनके पास विकास पर, अपने काम पर कुछ कहने को, बोलने को नहीं बचता है तो ये विरोधियों के ख़िलाफ़ इस तरह के हथकंडे अपनाते हैं।
भाजपा को हार का डर
कमलनाथ ने कहा- आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपनी हार सामने नज़र आने लगी है तो इस तरह की कार्यवाही जानबूझकर चुनाव में लाभ लेने के लिये की जाने लगी है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी इन्होंने इसी तरह के सभी हथकंडे अपनाए थे। कई राजनैतिक दल व कई राज्य पिछले 5 वर्ष में इनके द्वारा अपनाए गए हथकंडो के गवाह हैं। हम भी इसके लिये तैयार थे। हर चीज़ की निष्पक्ष जांच हो। इस तरह के हथकंडो से हमें कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है। इन घटनाओं से विकास के पथ पर हमारे क़दम रुकेंगे नहीं। प्रदेश की जनता सब सच्चाई जानती है।
शिवराज सिंह चौहान ने किया पलटवार
आयकर छापों पर पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने कहा- भ्रष्टाचार तो उजागर होना ही था। आखिर आचार सहिंता लगने के बाद पुलिस कार्रवाई स्थल पर किसके निर्देश पर गई। कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में पश्चिम बंगाल जैसे हालात बनाए। मध्यप्रदेश में संकट की स्थिति है। मप्र पुलिस आयकर की कार्रवाई रोकने की कोशिश कर रही है। 100 दिनों में जो हुआ ये उसका नतीजा है। संविधान की भावना ध्वस्त की जा रही हैं। सीएम कमलनाथ के बयान पर पलटवार करते हुए शिवराज सिंह ने कहा- जब गलत नहीं तो डर किस बात का।
सीआरपीएफ की मदद भी ली
आयकर सूत्रों के मुताबिक, मध्यप्रदेश के आयकर अफसरों को कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई थी। दिल्ली की टीम ने मध्यप्रदेश पुलिस की भी मदद नहीं ली। पहली बार सीआरपीएफ को छापेमारी की कार्रवाई में शामिल किया गया। इसके साथ ही दिल्ली की टीम ने मध्यप्रदेश पुलिस की भी मदद नहीं ली। पहली बार सीआरपीएफ के जवानों को छापेमारी की कार्रवाई में शामिल किया गया। सूत्रों का कहना है कि शनिवार को दिल्ली से 150 सीआरपीएफ के जवान मध्यप्रदेश पहुंचे थे। जब शनिवार को 150 सीआरपीएफ जवानों की एक कंपनी दिल्ली से मध्य प्रदेश जा रही थी, तब राज्य के खुफिया अधिकारियों को संकेत मिल गए थे, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी और सहयोगियों के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई हो रही है।
Updated on:
08 Apr 2019 02:43 pm
Published on:
08 Apr 2019 09:35 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
