74 पदों पर हुई नियुक्ति के मामले में आरोप है कि इनमें शामिल कर्मियों को वरिष्ठता सूची को नजरअंदाज कर नियमित कर दिया गया। इसमें से कई कर्मियों का नाम भी देवेभो की सूची में नहीं था। इसमें से सात कर्मचारियों की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को भी नौकरी मिल चुकी है। वहीं, आधा दर्जन प्रोन्नति का भी लाभ उठा चुके हैं। आधा दर्जन एेसे कर्मी हैं, जिनकी नियुक्ति के समय जन्मतिथि के अनुसार उम्र 18 वर्ष से कम थी।