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एक दैवेभो ने 74 कर्मियों को संकट में डाला

74 कर्मियों की नौकरी पर संकट, निगम में 2003 में हुई नियुक्तियों का मामला, प्रस्तुत जवाब का होगा परीक्षण, फिर होगा भविष्य का फैसला

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Lali Kosta

Oct 31, 2015

(फोटो: नगर निगम मुख्यालय भवन)

जबलपुर।
नगर निगम में वर्ष 2003 में 74 पदों पर नियुक्ति पाने वालों पर संकट गहरा गया है। कर्मियों को जवाब देने का शनिवार आखिरी दिन है। शुक्रवार तक सिर्फ तीन लोगों ने जवाब पेश किए। दो नवम्बर से इन कर्मियों की ओर से प्रस्तुत जवाब का परीक्षण करने के बाद इनके भविष्य का फैसला होगा।

भर्तियों को निरस्त कर दिया

नगर निगम में वर्ष 2003 में 74 पदों पर भर्ती हुई थी। इस पर आपत्ति जताते हुए एक दैवेभो कर्मी कोर्ट चला गया था। मामला तूल पकडऩे पर वर्ष 2005 में तत्कालीन निगमायुक्त ने सभी भर्तियों को निरस्त कर दिया था। इस पर कर्मी हाईकोर्ट चले गए। वहां से उन्हें स्टे मिल गया और निगम को कर्मचारियों का पक्ष सुनने के लिए निर्देश जारी हुए। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने निगम को ही परीक्षण कर कर्मियों के भविष्य के बारे में निर्णय लेने का निर्देश जारी कर दिया। निगमायुक्त वेदप्रकाश ने मामले में अपर आयुक्त आरके शर्मा को परीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी है।

यह है आरोप

74 पदों पर हुई नियुक्ति के मामले में आरोप है कि इनमें शामिल कर्मियों को वरिष्ठता सूची को नजरअंदाज कर नियमित कर दिया गया। इसमें से कई कर्मियों का नाम भी देवेभो की सूची में नहीं था। इसमें से सात कर्मचारियों की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को भी नौकरी मिल चुकी है। वहीं, आधा दर्जन प्रोन्नति का भी लाभ उठा चुके हैं। आधा दर्जन एेसे कर्मी हैं, जिनकी नियुक्ति के समय जन्मतिथि के अनुसार उम्र 18 वर्ष से कम थी।

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