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गोरखपुर में इंजीनियर ने किया सुसाइड, मरने से पहले वीडियो में बोला- मेरा सेहरा तैयार

Engineer Pradyumna Yadav suicide Kushinagar : कुशीनगर के इंजीनियर प्रद्युम्न यादव ने पत्नी से विवाद और कोर्ट केस के तनाव में कुसुम्ही जंगल में आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले बनाए इमोशनल वीडियो में उन्होंने पत्नी पर बर्बाद करने का आरोप लगाया।

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Engineer Pradyumna Yadav suicide Kushinagar

इंजीनियर ने किया सुसाइड, PC-Patrika

Engineer Pradyumna Yadav suicide Kushinagar : मेरा सेहरा तैयार हो गया मेरे जाने का समय आ गया है…मेरा बुलावा आ गया है…मुझे अब जाने की खुशी है। यह आखिरी शब्द हैं एक इंजानियर के। जिसने अपनी पत्नी की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। इंजीनियर ने सुसाइड करने से पहले एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।

सबसे पहले पढ़िए वीडियो में इंजीनियर युवक ने क्या कहा

हार गया यार जिंदगी की जंग। बहुत दुख देखे हैं। दुख देने वाला कोई और नहीं, मेरी वाइफ है। आज नहीं तो कल किसी को तो जाना ही था। लेकिन सभी लोगों से रिक्वेस्ट है- कोई यह मत बोले कि बेसमय चला गया।

मेरे जाने का अभी समय नहीं था। पिछले एक-डेढ़ महीने से मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि बेटा, सुसाइड कर ले। ठीक है, आज वह समय आ गया। मैं अपने बड़े भाई को एक संदेश देना चाहता हूं। भाई, कभी मां-बाप को यह एहसास मत होने देना कि एक बेटा दुनिया से चला गया।

हालांकि, मैं गलती तो कर रहा हूं। हर मां-बाप को लगता है कि बुढ़ापे में बेटा सहारा बनेगा, लेकिन मैं सहारा न बनकर बहुत दुख दे रहा हूं। मैं इस समय जा रहा हूं तो मुझे पता है कि उन्हें कितनी पीड़ा होगी, लेकिन अपनी पीड़ा के आगे उनकी पीड़ा भूल जा रहा हूं। मुझे माफ करना।

कुशीनगर जिले के कुसुम्ही जंगल में गुरुवार को एक युवा इंजीनियर का शव पेड़ से लटका मिला। मृतक की पहचान प्रद्युम्न यादव (कुशीनगर निवासी) के रूप में हुई है। पुलिस और परिजनों के अनुसार, उन्होंने पत्नी से चल रहे विवाद और कोर्ट केस के तनाव में आत्महत्या कर ली।

प्रद्युम्न यादव मध्य प्रदेश की एक निजी कंपनी में इंजीनियर थे। 12 मई को कुशीनगर के पडरौना कोर्ट में पत्नी द्वारा दायर भरण-पोषण के मामले की सुनवाई थी। सुनवाई के बाद वे हाटा स्थित जीजा के घर गए। वहां से गोरखपुर होते हुए ट्रेन पकड़कर इंदौर लौटने वाले थे।

रास्ते में बुढ़िया माई मंदिर में दर्शन करने रुके। दर्शन के बाद मंदिर के पास एक पेड़ पर गमछा बांधकर फंदा बनाया, खुद वीडियो शूट किया और उसे व्हाट्सएप स्टेटस पर डाल दिया। इसके कुछ देर बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली।

काफी समय बाद स्थानीय लोगों ने जंगल में फंदे से लटका शव देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मोबाइल और आईडी के आधार पर शव की पहचान की और परिजनों को सूचित किया।

9 साल पहले हुई थी प्रद्युन की शादी

प्रद्युम्न यादव की शादी 9 साल पहले (2 जून 2017) अर्पिता यादव से हुई थी। अर्पिता तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के सोहाग गांव निवासी हरिशंकर यादव की बेटी हैं। दोनों की एक 5 वर्षीय बेटी भी है।

परिजनों के अनुसार, शादी के बाद अर्पिता मात्र 3 महीने ससुराल में रहीं, फिर मायके चली गईं। कुछ महीनों बाद जब वह वापस आईं तो प्रद्युम्न उन्हें लेकर दिल्ली चले गए, जहां वे नौकरी कर रहे थे। दिल्ली में पत्नी ने पति का गला दबाकर जान लेने की कोशिश की, जिसके बाद प्रद्युम्न ने उन्हें मायके भेज दिया।

पत्नी ने दर्ज कराया था दहेज उत्पीड़न का केस

इसके बाद अर्पिता ने पति पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया और भरण-पोषण का केस भी दायर किया। पिछले 6 साल से दोनों के बीच विवाद चल रहा था और कुशीनगर कोर्ट में मुकदमा लंबित था।

प्रद्युम्न यादव स्वामी विवेकानंद नगर, कुशीनगर के रहने वाले थे। उनके पिता उमापति यादव (78 वर्ष) और मां कलावती देवी (72 वर्ष) हैं। भाई राघवेंद्र यादव ने बताया कि कोर्ट केस के कारण प्रद्युम्न को बार-बार छुट्टी लेकर कुशीनगर आना पड़ता था, जिससे वे काफी तनाव में रहते थे। 12 मई को सुनवाई के बाद अगली तारीख 21 जुलाई तय हुई थी। इस बात ने उन्हें और अधिक परेशान कर दिया था। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।