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MP में पले-बढ़े गोल्ड मेडलिस्ट जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा बने दिल्ली हाईकोर्ट चीफ जस्टिस

तेलंगाना हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस के तौर पर दे रहे थे सेवाएं, मध्यप्रदेश से ताल्लुक रखते हैं दिल्ली के मुख्य न्यायाधीश

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भोपाल. द‍िल्‍ली हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने मंगलवार को अपना पदभार संभाल लिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की मौजूदगी में ‘राज निवास’ में एक समारोह के दौरान न्यायमूर्ति शर्मा को शपथ दिलाई गई। जस्टिस धीरूभाई नारनभाई पटेल के रिटायरमेंट के बाद से यह पद खाली पड़ा हुआ था।

हालांकि मार्च में हुई नियुक्ति के बाद से जस्टिस विपिन सांघी कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। जस्टिस सांघी को उत्तराखंड हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

मध्यप्रदेश से ताल्लुक रखते हैं दिल्ली के मुख्य न्यायाधीश
आपको बता दें कि नवनियुक्त जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा का भोपाल से सीधा कनेक्शन हैं। 30 नवंबर 1961 को भोपाल में जन्मे जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने सागर के हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय से 1984 में तीन गोल्ड मेडल के साथ एलएलबी डिग्री के टॉपर के रूप में स्नातक किया। इसके उपरांत उन्होंने 1 सितंबर 1984 को वकील के रूप में अपना नाम दर्ज कराया। उन्होंने जबलपुर में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में संवैधानिक, सेवा, सिविल और आपराधिक मामलों में प्रैक्टिस की।

जस्टिस शर्मा के परिवार की बात करें तो उनके पिता डॉ. बी. एन. शर्मा शिक्षाविद् रहे हैं। वे जबलपुर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे। इसके साथ ही बरकतुल्ला खां यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर भी रहे हैं। उनकी मां महारानी लक्ष्मी बाई स्कूल की प्रिंसिपल रही हैं, इसके साथ ही वे जबलपुर में जिला शिक्षा अधिकारी के तौर पर भी काम कर चुकी हैं।

42 की उम्र में ही सीनियर एडवोकेट पैनल का हिस्सा बन गए
उन्हें मई 1993 में केंद्र सरकार के अतिरिक्तवकील के रूप में नियुक्ति दी गई। बाद में उन्हें 2004 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा सीनियर एडवोकेट के रूप में नामित किया गया। नियुक्ति के समय जस्टिस शर्मा महज 42 वर्ष के थे। वे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट पैनल में सबसे कम उम्र के थे। वे साल 2008 में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने। जस्टिस शर्मा को जनवरी 2021 में कर्नाटक उच्च न्यायलय में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां पर उन्होंने 31 अगस्त 2021 को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला। दिल्ली हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनने से पूर्व तक वह तेलंगाना हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।