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सियासी उठापटक के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताई वजह, इसलिए छोड़ा कांग्रेस का साथ

आखिर वो कोनसे मूल कारण हैं जिसके चलते ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस का 18 साल पुराना साथ एकदम से छोड़ दिया। सिंधिया ने बताई वजह...

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सियासी उठापटक के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताई वजह, इसलिए छोड़ा कांग्रेस का साथ

भोपाल/ मध्य प्रदेश में इन दिनों जारी राजनीतिक घमासान अपने चरम पर है। प्रदेश सरकार के दावे और विपक्ष के हमले के बीच कड़ियां इस कदर उलझ गई हैं कि, ये तय कर पाना संभव नहीं हो रहा है कि, आखिरकार ऊंट किस करवट बैठेगा। हालांकि, ये तो सभी जानते हैं कि ये सियासी उठापटक की शुरुआत सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के कारण हुई है। अब तक कई लोग इस असमंजस में भी हैं कि, आखिर वो कोनसे मूल कारण हैं जिसके चलते ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस का 18 साल पुराना साथ एकदम से छोड़ दिया। फिलहाल, इसका जवाब बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद दिया है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ने की वजह बताई।

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ये है कांग्रेस का साथ छोड़ने की वजह

सिंधिया के मुताबिक, पिछले एक साल से मध्य प्रदेश सरकार में युवाओं की बातें नहीं सुनी जा रही थीं। प्रदेश सरकार में भ्रष्टाचार व्याप्त था। साथ ही, दस दिनों में प्रदेश के किसानों का कर्जमाफ करने वाली सरकार 16 महीने बीतने के बाद भी किसानों से किया गया वादा पूरा नहीं कर पाई। सिंधिया ने कहा कि, इन्हीं वजहों के चलते उन्हें कांग्रेस पार्टी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि, सरकार में आने से पहले कांग्रेस पार्टी ने जनता से जो वादे किए थे उसे एक साल बाद भी पूरा नहीं किया गया। यही कारण है कि, मैंने पार्टी छोड़ दी।

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भाजपा में हुआ 'महाराज' की तरह स्वागत

बता दें कि कांग्रेस पार्टी को अलविदा कहने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीते 11 मार्च को आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली थी। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें भगवा गमछा और गुलदस्ता देकर भाजपा की सदस्यता दिलाई। इस दौरान नड्डा ने ग्वालियर राजवंश के 'महाराज' का अभिनंदन किया तो वहीं सिंधिया ने नड्डा के साथ पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया था। बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करने के करीब एक घंटे बाद ही उन्हें पार्टी ने राज्यसभा का टिकट देने का ऐलान कर दिया गया। साथ ही, ये चर्चा भी की जा रही है कि, सिंधिया को केंद्र की नरेंद्र मोदी कैबिनेट में अहम जगह मिल सकती है।