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भोपाल/ मध्यप्रदेश में सियासी उठापटक के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने कमलनाथ की सरकार को अस्थिर करने वाले लोगों पर कार्रवाई शुरू कर दी थी। इस पूरे प्रकरण के केंद्र में रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने एक पुराने मामले में जांच शुरू कर दी थी। अब उस केस में ज्योतिरादित्य सिंधिया को क्लिनचीट मिल गई है। साथ ही ईओडब्ल्यू ने उस केस को भी बंद कर दिया है।
दरअसल, 2014 में सुरेंद्र श्रीवास्तव ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके करीबियों के खिलाफ 10 हजार करोड़ रुपये के जमीन घोटाले का आरोप लगाया था। उस दौरान भी उस शख्स की शिकायत पर इस मामले की जांच हुई थी लेकिन कुछ सामने नहीं आया था।
सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ सुरेंद्र श्रीवास्तव ने फिर से जांच की मांग की थी। उसके बाद अधिकारियों ने कहा था कि उस व्यक्ति की शिकायत की जांच की जा रही है। वहीं, उस वक्त सियासी जानकार इसे कमलनाथ सरकार के ज्योतिरादित्य सिंधिया से मतभेदों को जोड़कर देख रहे थे। अब उन्हें इस मामले में ईओडब्ल्यू ने बड़ी राहत दी है। शिकायत के छह दिन बाद यानी 18 मार्च को ही जांच के बाद इस केस को बंद कर दिया गया है।
ईओडब्ल्यू के अनुसार इस केस के सत्यापन के दौरान कुछ भी नहीं मिला। केस को 18 मार्च को ही स्थानीय अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर बंद कर दी गई है। गौरतलब है कि शिकायतकर्ता ने की यह शिकायत थी कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक रजिस्ट्री दस्तावेज में हेरफेर कर वर्ष 2009 में ग्वालियर के महलगांव में 6000 वर्गफीट जमीन उन्हें बेची। लेकिन आरोपों में सच्चाई नहीं मिलने के बाद सिंधिया को इस मामले में क्लिनचिट दे दिया गया। अब प्रदेश में बीजेपी की सरकार भी है।
Published on:
24 Mar 2020, 5:43 PM IST
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