
mp police
मुख्यमंत्री कमलनाथ जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार करने वाले हैं, लेकिन इसका फैसला 4 नवंबर को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद होगा।
इस बार कमलनाथ 5 राज्यमंत्री बनाएंगे।
इसमें नाराज विधायकों को साधा जा सकता है, जबकि जिन मंत्रियों के पास ज्यादा और बेमेल विभाग हैं, उनसे विभाग छीनकर नए मंत्रियों को दिए जाएंगे। वहीं वरिष्ठ नेता कांतिलाल भूरिया की भूमिका भी सोनिया गांधी से चर्चा के बाद तय होगी।
झाबुआ विधानसभा उपचुनाव जीतने के बाद सीएम कमलनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार करना तय कर लिया है।
इसके तहत मुख्यमंत्री 5 नवंबर को विदेश यात्रा पर जाने से पहले अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे।
कमलनाथ अपने साथ नए मंत्रियों के प्रस्तावित नाम और विभागों में बदलाव का पूरा चार्ट लेकर जाएंगे।
इसके तहत कमलनाथ ने विभाग बंटवारे व नए मंत्रियों के नामों पर मशक्कत शुरू कर दी है।
इस बार नाराज विधायकों को भी मंत्रिमंडल विस्तार में साधा जाएगा।
फिलहाल सरकार में 28 मंत्री हैं। इनमें सबसे ज्यादा 14 मंत्री कमलनाथ कोटे से हैं, जबकि दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के कोटे से सात-सात मंत्री है।
प्रदेश में 34 मंत्री बनाए जा सकते हैं। अभी सभी कैबिनेट मंत्री है, लेकिन अब पांच राज्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है।
इन विधायकों में से खुलेगी पांच की लॉटरी
निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह ठाकुर, केदार डाबर, विक्रम सिंह राणा, समाज वादी पार्टी के इकलौते विधायक राजेश शुक्ला और बसपा से संजीव कुशवाह और रामबाई अभी सरकार को समर्थन दे रहे हैं।
कांग्रेस विधायक केपी सिंह, एदल सिंह कंसाना और राज्यवद्र्धन सिंह दत्ती गांव के नामों पर विचार हो सकता है।
सोनिया से चर्चा के बाद तय होगी भूरिया की भूमिका-
दिग्गज नेता कांतिलाल भूरिया की भूमिका भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के स्तर से तय होगी।
कमलनाथ ने इस मुद्दे पर भी सोनिया गांधी से बात करना तय किया है।
अभी भूरिया का नाम मंत्री पद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और प्रदेश कांग्रेस सलाहकार के तौर पर चल रहा है।
इन तीनों में से कौन सी भूमिका भूरिया को मिलेगी, इसका फैसला सोनिया गांधी करेंगी।
विभागों में होगी भारी कटौती-
कमलनाथ मंत्रियों के विभागों में भारी कटौती करने वाले हैं।
जिन मंत्रियों के पास दो-तीन या इससे भी ज्यादा विभाग हैं, उनसे विभाग कम किए जाएंगे। इसके अलावा जो विभाग बेमेल हैं, जैसे वरिष्ठ मंत्री विजय लक्ष्मी साधो के पास संस्कृति और चिकित्सा शिक्षा है।
इसी तरह सज्जन सिंह वर्मा के पास लोक निर्माण के साथ पर्यावरण, गोविंद सिंह के पास सहकारिता के साथ जीएडी व संसदीय कार्य, बाला बच्चन के पास गृह व जेल के साथ तकनीकी शिक्षा व लोकसेवा प्रबंधन, गोविंद सिंह राजपूत के पास परिवहन के साथ राजस्व, पीसी शर्मा के पास विधि के साथ जनसम्पर्क, आईटी व अध्यात्म और आरिफ अकील के पास गैस त्रासदी के साथ पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक कल्याण और सूक्ष्म, लघु व मध्यम विभाग है।
एेसे सभी बेमेल विभागों को भी बदला जाएगा। अभी 14 ऐसे मंत्री हैं, जिनके पास एक से ज्यादा विभाग हैं।
इसके अलावा परफार्मेंस रेटिंग को देखकर भी कुछ विभाग बदले जाएंगे।
बहरहाल, मंत्रियों के विभागों में भारी बदलाव तय है।
प्रदेश अध्यक्ष के फैसले पर भी टिका कुछ दारोमदार-
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के फैसले पर भी मंत्रिमंडल विस्तार का कुछ दारोमदार टिका रहेगा, क्योंकि यदि कांतिलाल भूरिया का प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया जाता है तो उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है।
वहीं यदि कमलनाथ अपने किसी भरोसेमंद मंत्री को प्रदेश अध्यक्ष बनवा देते हैं, तो भी मंत्रिमंडल का पूरा समीकरण बदल जाएगा।
--
30 अक्टूबर को प्रदेश प्रभारी से चर्चा-
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया भी मंत्रियों के परफार्मंेंस व विस्तार को लेकर कमलनाथ से मुलाकात करेंगे। बावरिया 30 अक्टूबर को भोपाल आएंगे। यहां शाम को उनकी सीएम से मुलाकात है।
इसमें मंत्रियों के परफार्मेंस और वचन पत्र पर किए गए अमल के आधार पर विस्तार को लेकर चर्चा हो सकती है।
इसमें कुछ नए नामों को जोडऩे को लेकर भी दोनों के बीच चर्चा संभावित है।
Updated on:
29 Oct 2019 09:01 pm
Published on:
30 Oct 2019 06:00 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
