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कमलनाथ का मध्यप्रदेश छोड़ने से इनकार, खुद को किया अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर

कहा, ‘‘मेरी अध्यक्ष पद में कोई रुचि नहीं है, मैं सिर्फ सोनिया गांधी को नवरात्रि की शुभकामनाएं देने के लिए आया हूं।’’

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भोपाल। राजस्थान के सियासी एपिसोड में बदलाव आने के बाद सोमवार को अचानक मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ को दिल्ली बुला लिया गया। दरअसल, कमलनाथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रबल दावेदार रहे हैं, लेकिन वे खुद ही अभी राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनना चाहते। कमलनाथ बार-बार अध्यक्ष बनने से इनकार कर चुके हैं। साथ ही मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 तक कहीं भी जाने को नकार चुके हैं।

इस बीच बदलते घटनाक्रम में कमलनाथ को दिल्ली से बुलावा आया। कहा जा रहा है कि कमलनाथ को सोनिया गांधी ने बुलाया और दिल्ली में उनकी सोनिया गांधी से मुलाकात होने की चर्चा पहले से ही थी ।

माना जा रहा है कि गहलोत के रेस के बाहर होने के बाद किसी नए नाम पर विचार हो सकता है। ऐसी स्थिति में कमलनाथ से सलाह-मशविरा लेना बताया जा रहा है। यह भी अटकलें लग रही हैं कि पार्टी आलाकमान कमलनाथ की सलाह से ही आगे के कदम उठा सकता है। ऐसे में कमलनाथ की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई हैं।

वहीं अब जो बात सामने आ रही है उसके अनुसार कमलनाथ ने मध्यप्रदेश छोड़ने से इनकार कर दिया और इस तरह उन्हाेंने खुद को अध्यक्ष पद की दौड़ से खुद ही बाहर कर लि या है। जानकारी के अनुसार कमलनाथ ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की, वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मेरी अध्यक्ष पद में कोई रुचि नहीं है. मैं सिर्फ सोनिया गांधी को नवरात्रि की शुभकामनाएं देने के लिए आया हूं।’’

दरअसल, माना जा रहा है कि कमलनाथ पर कई राज्यों के कांग्रेस नेताओं की ओर से चुनाव लड़ने का दबाव था। हालांकि, वह मध्य प्रदेश छोड़ने के इच्छुक नहीं हैं, जहां वह अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को फिर से सत्ता में लाना चाहते हैं।

ये भी बने हुए हैं चर्चा में: पिछले विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री के रूप में कमलनाथ का कार्यकाल 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के दो दर्जन से अधिक विधायकों के साथ पार्टी छोड़ने के बाद खत्म हो गया था। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पार्टी अध्यक्ष के चुनाव पर कहा, “चलो देखते हैं, मैं खुद को भी खारिज नहीं कर रहा हूं, आप मुझे बाहर क्यों रखना चाहते हैं? हर किसी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। आपको 30 तारीख की शाम को जवाब पता चल जाएगा।”ऐसे में दिग्विजय सिंह का ये बयान भी चर्चाओं में बना हुआ है।


ये नाम भी आए सामने: शशि थरूर, अशोक गहलोत, दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के अलावा पृथ्वीराज चौहान, मुकुल वासनिक, मल्लिकार्जुन खड़गे और कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया का नाम भी कांग्रेस अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी को लेकर चर्चा में है। हालांकि, कहा जा रहा है कि पृथ्वीराज चव्हाण और मुकुल वासनिक चुनाव लड़ने से इनकार कर चुके हैं।