भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 1989 में इसे धरोहर के रूप में सरंक्षित कर दिया है। महल के बाहर मुगलकालीन तोप व कमरों में किले की जानकारियों को संजोया गया है, जिसे देश-विदेश के पर्यटक देखने आते हैं। जबकि, इस स्थान के पश्चिमी छोर की पहाड़ी पर किला फतेहगढ़ के अवशेष हैं। जिसे परमार काल के बाद भोपाल के प्रथम शासक सरदार दोस्त मोहम्मद खान ने अपने कार्यकाल 1708 से 1726 ईसवी में बनवाया था।