
योगेंद्र सेन @ भोपाल. राजधानी के Katara Hills क्षेत्र में घरों और कॉलोनियों के बाहर ही सीवेज का गंदा पानी बहता है। कुछ जगह पर तो बारह महीने गंदगी, कीचड़ सड़कों पर फैला रहता है। महंगे फ्लैटों और बंगलों में रहने वाले लोगों का बदबू से बुरा हाल। सड़क पर फैले सीवर की बदबू पांचवीं-छठी मंजिल पर रहने वालों को भी परेशान करती है। स्थानीय लोग जनप्रतिनिधियों, अफसरों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हल नहीं निकला। इलाके में जहां ज्यादा समस्या है वहां से कई लोगों ने तो अपना घर-फ्लैट बदल लिया है। कुछ लोगों ने फ्लैट बुक करने के बाद कैंसिल कर दिया। स्वर्ण कुंज कॉलोनी में कुछ किरायेदार इस परेशानी के कारण यहां से दूसरी जगह चले गए हैं। 10 अप्रेल को ही यहां की जनता ने थाली-ढोल बजाकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
ये है समस्या
जब यह इलाका विकसित हो रहा था तब यहां हाउसिंग बोर्ड, भोपाल विकास प्राधिकरण और बिल्डरों को कॉलोनियां विकसित करने की अनुमति तो देते गए, लेकिन सीवर जैसी मूलभूत सुविधा पर ध्यान नहीं दिया। अधिकांश कॉलोनियों में छोटी लाइन बनाकर छोटे-छोटे सैप्टिक टैंक बना दिए। जो अब नाकाफी साबित हो रहे हैं। कई जगह ये टूट गए हैं।
जनता पूछ रही सवाल... आखिर कब डलेगी सीवेज लाइन?
इस इलाके में वार्ड नंबर 53, 55 और 85 की अनेक कॉलोनियां आती हैं। वार्ड 53 और 55 विधायक कृष्णा गौर की गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। जबकि वार्ड 85 विधायक रामेश्वर शर्मा की हुजूर विधानसभा में आता है। सीवेज को लेकर 10 अप्रेल को इलाके के लोगों ने महिलाओं और बच्चों के साथ ढोल, थाली बजाकर प्रदर्शन किया था। वे जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर अब तक सीवेज लाइन क्यों नहीं डली।
महिलाओं की चेतावनी- तो नहीं देते वोट
कटारा हिल्स स्थित स्वर्णकुंंज कॉलोनी में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने चेतावनी दी है कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे इस बार चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे।
भूजल भी हो रहा दूषित
सीवेज का पानी जमीन में जा रहा है। इससे भूजल भी दूषित हो रहा है। यही पानी कॉलोनियों की बोरिंग में मिल रहा है। कई जगह बदबूदार पानी आता है।
ऐसी गंदगी में भोपाल कैसे बनेगा स्वच्छता में नंबर वन
करीब 4 साल से सीवेज के सेप्टिक टैंक जगह-जगह टूटे पड़े हैं। कई बार नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को बता दिया गया, लेकिन यह सुधार कार्य नहीं हो रहा है। स्वच्छता में भोपाल नंबर वन कैसे आएगा जब इतनी गंदगी भरी पड़ी है। यहां सीवेज नेटवर्क बनाया जाना चाहिए। सीवेज नेटवर्क नहीं होने के कारण 20 साल पहले बनाए गए सभी संप टैंक ध्वस्त हो चुके हैं। सीवेज का पानी खुले में बहता रहता है और गंदगी-बदबू से रहवासी परेशान हैं।
- उमाशंकर तिवारी, अध्यक्ष, बाग मुगालिया एक्सटेंशन कॉलोनी विकास समिति
डीपीआर बनाई जा रही है, जल्द डलेगी लाइन
यहां सीवेज की ट्रंक लाइन डलेगी। इसे हमने अमृत योजना के फेस-2 में लिया है। हमारे यहां सड़कों का तो मास्टर प्लान बनता है, लेकिन सीवेज का प्लान नहीं बनाते। मैंने पूरे गोविंदपुरा क्षेत्र में ही जहां सीवेज नेटवर्क नहीं है वहां अमृत योजना के तहत सीवेज लाइन डालने के लिए कमिश्नर को कहा है। इसके लिए डीपीआर बनाई जा रही है। आने वाले समय में जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा।
-कृष्णा गौर, विधायक, गोविंदपुरा
नई लाइनों पर काम होगा
अमृत फेस दो में सीवेज की नई लाइनों पर काम होगा। फेस एक में भी काफी क्षेत्रों में सीवेज की लाइनें बिछाई हैं। कोलार से लेकर बावडिय़ा, मिसरोद समेत कटारा के भी कुछ क्षेत्र शामिल हैं। नए चरण में नए सिरे से प्लानिंग होगी तब बचे हुए क्षेत्र भी इसमें शामिल होंगे।
- केवीएस चौधरी, नगर निगम आयुक्त
Published on:
20 Apr 2022 08:17 pm
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