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स्कूल की फीस भरने के भी पैसे नहीं, मां ने मजदूरी कर पढ़ाया और बेटी बन गई टॉपर

सफलता बेहद बुरे हालातों से गुजरकर प्राप्त की है। उनके पिता ड्राइवर हैं। उनके वेतन से गुजारा नहीं हो पाता था इसलिए मां मजदूरी करती रहीं। महंगे प्राइवेट स्कूलों की फीस भरने में सक्षम नहीं थी इसलिए सरकारी स्कूल में पढ़ीं। इन अभावों के बाद भी रेखा ने टॉपर बनकर इतिहास रच दिया।

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मध्यप्रदेश के माध्यमिक शिक्षा मंडल यानि एमपी बोर्ड की परीक्षाओं के बुधवार को घोषित रिजल्ट में कटनी को उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई। बोर्ड द्वारा जारी किए गए 10वीं एवं 12वीं क्लास के रिजल्ट में दसवीं में कटनी की बेटी रेखा रेवाड़ी ने टॉप 10 में दूसरा स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा रेखा की इस कामयाबी के पीछे कठिन संघर्ष छिपा है। उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी लेकिन हौसला गजब का था। इसी के बलबूते वे प्रदेशभर में खुद के साथ अपने माता पिता को गौरवान्वित करने में सफल हुईं।

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बुधवार को 10वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी किया तो कटनी जिले के लोेग झूम उठे। यहां के शासकीय उत्कृष्ट स्कूल की छात्रा रेखा रेवाड़ी ने प्रदेश की मेरिट लिस्ट में दूसरा ​स्थान प्राप्त किया। वे जिले में पहला स्थान पर रहीं। कटनी की बेटी के प्रदेश में दूसरे स्थान पर आने पर सभी ने रेखा और उनके परिजनों व शिक्षकों को बधाई दी।

रेखा रेवाड़ी ने कहा कि इस सफलता के पीछे मेरे गुरूजनों और परिवार वालों का ही सबसे अहम योगदान है। जितनी मेहनत मैंने की, उतनी ही मेहनत शिक्षकों ने भी की। रेखा इस उपलब्धि पर बेहद खुश हैं लेकिन उन्हें
प्रदेश में दूसरे नंबर पर आने की उम्मीद नहीं थी। उनका कहना है कि
रिजल्ट अच्छा आने की उम्मीद तो थी लेकिन प्रदेश में दूसरा स्थान पर आने के बारे में नहीं सोचा था।

रेखा ने ये सफलता बेहद बुरे हालातों से गुजरकर प्राप्त की है। उनके पिता ड्राइवर हैं। उनके वेतन से गुजारा नहीं हो पाता था इसलिए मां मजदूरी करती रहीं। महंगे प्राइवेट स्कूलों की फीस भरने में सक्षम नहीं थी इसलिए सरकारी स्कूल में पढ़ीं। इन अभावों के बाद भी रेखा ने टॉपर बनकर इतिहास रच दिया।

वे स्कूल के अलावा दिन में 5 घंटे पढ़ाई करती थीं। इंग्लिश और गणित उनके पसंदीदा विषय हैं। रेखा डॉक्टर बनना चाहती हैं।