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एम्स का साल 2024 विजन, शुरू होगा किडनी व लिवर ट्रांसप्लांट, ड्रोन से दवा की सप्लाई और ट्रांसजेंडर क्लीनिक

एम्स में दो साल में बढ़ी 56 फीसदी ओपीडी और 170 फीसदी इमरजेंसी - डॉ. अजय सिंह

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भोपाल. एम्स की तरफ से साल 2024 का विजन बनाया गया है। जिसे मंगलवार को डायरेक्टर डॉ. अजय ने साझा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस साल सबसे पहले किडनी व लिवर
ट्रांसप्लांट और ट्रांसजेंडर क्लीनिक शुरू करना है। इसके साथ ही दूरदराज इलाकों में दवा की डिलीवरी और रक्त नमूने एकत्र करने के लिए ड्रोन सेवा तैयार करनी है। यही नहीं साल 2024 में
नए प्रशासनिक भवन का उद्घाटन, अपेक्स पीडियाट्रिक सेंटर और क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना मुख्य लक्ष्य हैं।

समय पर चिकित्सीय मदद मिलने से बचेगी जान
दूरदराज के इलाकों में गंभीर मरीज के लिए जरूरी दवाएं, वैक्सीन, जांच के लिए मरीज का सैंपल व जहर की दवा के ट्रांसपोर्टेशन में ड्रोन की मदद ली जाएगी। इसके लिए एम्स भोपाल,
मैनिट, आरजीपीवी और आइआइटी इंदौर मिलकर ड्रोन के मेडिकल फील्ड में उपयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इससे समय पर चिकित्सीय मदद मिलने से ज्यादा लोगों की जान बचाई
जा सकेगी। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य उपचार व जांच सक्षम होगी, लंबी दूरी चंद मिनटों में तय होगी।

बच्चों के लिए सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल
बच्चों के लिए सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल तैयार किया जाएगा। एपेक्स पीडियाट्रिक सेंटर नाम से बनने वाले इस अस्पताल में बच्चों की सभी गंभीर बीमारियों का उपचार किया जाएगा। यहां
कैंसर, किडनी, हार्ट से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के साथ यहां जटिल सर्जरी भी की जाएगी। इसके साथ ही गंभीर मरीजों के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी। जिसे क्रिटिकल केयर यूनिट
के रूप में तैयार किया जा रहा है।

दो साल में बढ़ी 56 फीसदी ओपीडी
एम्स भोपाल के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने वर्ष 2024 में शुरू होने वाली स्वास्थ्य सुविधा की डॉक्टर, अधिकारी और मेडिकल टीम के साथ समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दो साल में ओपीडी में
मरीजों की संख्या में 56 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ भर्ती होने वाले मरीज 32 हजार से बढ़कर 50 हजार हो गए हैं। यही नहीं इमरजेंसी के मामलों में 170 फीसदी और बेड
ऑक्युपेंसी 62 से बढ़कर 77 फीसदी हो गई है।

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