
Kidney transplant
इसके लिए यूनिट तैयार है, साथ ही जरूरी तैयारियां भी हो चुकी हैं। सितंबर महीने के अंत तक नोटो (नेशनल ऑर्गन प्लांटेशन ऑर्गेनाइजेशन) की टीम यूनिट का निरीक्षण करें। ऐसे में एनओसी मिलते ही ट्रांसप्लांट शुरू कर दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार साल 2023 की शुरुआत में भी टीम ने निरीक्षण किया था। उस समय एम्स को ट्रांसप्लांट की मंजूरी नहीं मिली थी। अब उन सभी कमियों को दूर कर दिया गया है।
विशेषज्ञ भी मौजूद
एम्स में ट्रांसप्लांट यूनिट के लिए किडनी रोग विशेषज्ञ, हैमेटॉलॉजी विशेषज्ञ, पल्मोनोलॉजिस्ट और ट्रांसप्लांट सर्जन की टीम है। इसी कड़ी में किडनी बौर बोनमैरो ट्रांसप्लांट के साथ लिवर ट्रांसप्लांट की तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं। एक विशेषज्ञ भी है, अन्य चिकित्सकों और स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
लंग्स ट्रांसप्लांट सेंटर भी योजना का हिस्सा
एम्स भोपाल में लंग्स ट्रांसप्लांट भी योजना का हिस्सा है। जानकारी के अनुसार यह सबसे कठिन सर्जरी में से एक मानी जाती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि लंग्स में रिजेक्शन का खतरा अन्य ऑर्गन की तुलना में चार गुना अधिक देखा गया है। यह सुविधा प्रदेश के किसी अस्पताल में नहीं है।
प्रत्यारोपण - निजी अस्पताल में खर्च
लिवर ट्रांसप्लांट- 15 से 20 लाख
किडनी ट्रांसप्लांट- 6 से 7 लाख
हार्ट ट्रांसप्लांट- 10 लाख से ज्यादा
Published on:
21 Sept 2023 01:51 pm
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