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बड़ा ऐलानः 1 जून से दूध, सब्जी और फल की सप्लाई बंद कर देंगे किसान, दिल्ली का भी होगा घेराव

किसान नेता शिवकुमार शर्मा कक्काजी की सरकार से अपील...। ओलावृष्टि से बर्बाद हो गई किसानों की फल...। किसानों का कर्ज माफ करो, वसूली भी तत्काल रोको...।

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भोपाल

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Manish Geete

Mar 27, 2023

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प्रेस कांफ्रेंस में किसान नेता शिवकुमार शर्मा कक्काजी ने किया ऐलान...।

भोपाल। मध्यप्रदेश से लेकर दिल्ली तक एक बार फिर किसान बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। 1 जून से 7 जून तक मध्यप्रदेश में फल, दूध सब्जी की सब्लाई बंद कर दी जाएगी। इसके बाद सभी किसान दिल्ली का घेराव करेंगे।

राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्काजी ने सोमवार को राजधानी भोपाल में यह ऐलान किया। कक्काजी ने बड़े आंदोलन की घोषणा की है। कक्काजी ने कहा है कि मध्यप्रदेश में 1 जून से 7 जून तक दूध, फल और सब्जी की सप्लाई किसान बंद कर देंगे। यह आंदोलन पूरे मध्यप्रदेश में चलाया जाएगा। इसके बाद 2023 के अंत में हम दिल्ली का घेराव करेंगे।

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कक्काजी बोले- दो लाख तक का कर्ज माफ करो

शिवकुमार शर्मा कक्काजी ने कहा कि मध्यप्रदेश में बीतों दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि से कई किसानों की फसलें चौपट हो गई। कई किसानों पर रोजी-रोटी का संकट भी उत्पन्न हो गया है। सरकार को चाहिए कि प्रथमदृष्टया नुकसान के आधार पर किसानों के खाते में राहत राशि की पहली किस्त डाली जाए। साथ ही दो लाख तक का कर्ज माफ किया जाए। साथ ही अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का सर्वे तत्काल कराया जाए।

कक्काजी ने कहा कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान को प्राथमिकता से सर्वे में लिया जा रहा है, लेकिन इसके अलावा अतिवृष्टि से भी किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, जिसका सर्वे तत्काल शुरू कराया जाना चाहिए। अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों के खातों में बिना देरी किए फसल बीमा की राशि ट्रांसफर की जाए।

कक्काजी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि 50% से ज्यादा नुकसान पर 32,000 रुपए हेक्टेयर के हिसाब से राहत राशि दी जाएगी। सरकार स्पष्ट करेगी 50% से कम नुकसान होने पर किसानों को कितनी राहत राशि मिलेगी। सभी पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा यह भी घोषणा की गई है कि पीड़ित किसानों से ऋण की किस्त नहीं वसूली की जाएगी। सरकार स्पष्ट करें की कितने प्रतिशत नुकसान वाले किसानों को शामिल किया जाएगा।

कक्काजी ने सरकार से मांग की है कि कर्ज की किस्त भरने की अंतिम तिथि 31 मार्च करीब है, ऐसी स्थिति में सभी किसानों के कर्ज की किस्त भरने की तिथि को बढ़ाकर 31 मई कर दिया जाए।

किसान नेता शर्मा ने मांग की है कि मंडियों में गेहूं, चना, प्याज, आलू और कपास समर्थन मूल्य से नीचे दिख रहा है। ऐसे में इसके निर्यात पर लगी रोक को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। किसानों से बिजली के बकाया बिल की बसूरी को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। सभी किसानों को 2 लाख तक के ऋण से मुक्त किया जाए।