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ATM से कैश निकालने के नियम में हुआ बदलाव, ट्रांजैक्शन से पहले जरूर जान ले

अब एसबीआई के एटीएम से कैश निकालने और ट्राजेक्शन पूरा करने के लिए खाताधारकों को बैंक से लिंक मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी नंबर को भी दर्ज करना होगा।

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ATM से कैश निकालने के नियम में हुआ बदलाव, ट्रांजैक्शन से पहले जरूर जान ले

भोपाल. भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी एसबीआई द्वारा एटीएम से कैश ट्रांजैक्शन करने की व्यवस्था को और भी सुरक्षित करने के लिए ट्रांजेक्शन के समय एक बहुत महत्वपूर्ण व्यवस्था को जरूरी कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब एसबीआई के एटीएम से कैश निकालने और ट्राजेक्शन पूरा करने के लिए खाताधारकों को बैंक से लिंक मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी नंबर को भी दर्ज करना होगा। इसके बाद ही ग्राहक एटीएम से कैश निकाल सकेंगे।

एसबीआई द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के संबंध में जानकारी न होना राजधानी भोपाल में रहने वाले रोहित कुमार को उस समय भारी पड़ गई, जब एटीएम में आधे से ज्यादा प्रक्रिया पूरी करने के बाद मशीन ने उनसे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया ओटीपी डालने को कहा। उनका कहना है कि, एक दो बार उन्होंने फिर से ये सोचकर प्रयास किया कि, कही उनसे कोई गलती तो नहीं हो रही। आखिरकार उन्होंने एसबीआई की कस्टमर सेवा नंबर पर इस त्रुटि की जानकारी दी तो बैंक की ओर से सूचित किया गया कि, जबतक वो उनके खाते से लिंक नंबर पर आए ओटीपी को मशीन द्वारा मांगे जाने पर दर्ज नहीं करेंगे, उनका ट्रांजेक्शन पूर्ण नहीं होगा।

इसपर उन्होंने अगले ट्रांजेक्शन के दौरान फोन पर बैंक से मिले ओटीपी को दर्ज करने के बाद अपना ट्रांजेक्शन पूर्ण किया। रोहित का कहना है कि, जानकारी के अभाव में ट्रांजेक्शन होने में त्रुटि तो आई लेकिन, बैंक द्वारा कैश ट्रांजैक्शन के लिए ये एक महत्वपूर्ण व्यवस्था की गई है। इससे कैश और भी सुरक्षित मान्य व्यक्ति के हाथ में जाना सुनिश्चत होगा। बता दें कि, कैश निकासी के समय ग्राहकों को उनके मोबाइल फोन पर एक ओटीपी मिलता है जिसे डालने के बाद ही एटीएम से कैश निकलता है।

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बैंक ने ट्वीट कर दी जानकारी

आपको बता दें कि, इस संबंध में भारतीय स्टेट बैंक की ओर से ट्वीट भी किया गया है, जिसमें जानकारी देते हुए एसबीआई ने कहा कि, एटीएम में लेनदेन के लिए हमारी ओटीपी आधारित नकद निकासी प्रणाली धोखेबाजों के खिलाफ टीकाकरण है। आपको धोखाधड़ी से बचाना हमेशा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। एसबीआई के ग्राहकों को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि, ओटीपी आधारित नकद निकासी प्रणाली कैसे काम करेगी।


10 हजार से ज्यादा अमाउंट पर लागू होता है नियम

आपको बता दें कि, ये खास नियम 10 हजार से अधिक राशि निकालने पर लागू किया गया है। एसबीआई के ग्राहकों को उनके बैंक खाते से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए एक ओटीपी और उनके डेबिट कार्ड पिन के साथ हर बार अपने ATM से 10 हजार रुपए से अधिक निकालने की अनुमति देता है। आइए जान लेते हैं, क्या है इसका पूरा प्रोसेस।

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यहां जानें प्रोसेस

- आपको कैश निकासी से पहले एटीएम मशीन की स्क्रीन पर बैंक के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज करना होगा।

बैंक ने बताया क्यों पड़ी इसकी जरूरत

बैंक की तरफ से ये कदम इसलिए उठाया ताकि, अपने ग्राहकों को फ्रॉड से और भी सुरक्षित रख सके। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक एसबीआई के पास मध्य प्रदेश समेत भारत भर में 71,705 BC आउटलेट्स के साथ 22,224 शाखाओं और 63,906 ATM/CDM का सबसे बड़ा नेटवर्क है। इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या भी 9 करोड़ से अधिका है।

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