
गणेश प्रतिमा विराजित कर रहे हैं, तो रखना होगा इन खास बातों का ध्यान
भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के 800 से ज्यादा सार्वजनिक इलाकों में श्रीगणेश प्रतिमा विराजित की जाएगी। इस संबंध में सरकार और जिला प्रशासन की ओर से गाइडलाइन जारी की जा चुकी है। कोरोना संकट के चलते पिछले वर्ष गणेश पंडाल या झांकी सजाने की अनुमति नहीं दी गई थी। लेकिन, इस बार कुछ पाबंदियों के साथ मूर्ति विराजित करने की अनुमति दी गई है।
जिला प्रशासन का खास फोकस गणेश पंडाल की लंबाई-चौड़ाई, जुलूस और चल समारोह पर है। 30×45 फीट से ज्यादा बड़ा पंडाल नहीं होगा। जुलूस निकालने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है। पंडाल में भंडारे-जागरण आदि भी प्रतिबंधित रहेंगे। इसके अलावा, पंडाल लगाने से पहले SDM से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अगर कोई समिति या कॉलोनी-मोहल्ले के लोग गणेश मूर्ति विराजित कर रहे हैं, तो उन्हें नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा, अन्यथा कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
भोपाल में इन नियमों का करना होगा पालन
-लाउड स्पीकर बजाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन जरूरी होगा।
POP से बनी मूर्ति पर रहेगा प्रतिबंध
राजधानी में प्लास्टर ऑफ पेरिस से निर्मित मूर्ति न तो बेची जा सकेगी और न ही खरीदी। इसे लेकर जिला प्रशासन प्रतिबंध लगा चुका है। हालांकि, बाजार में कई स्थानों पर POP से बनी मूर्ति बेची जा रही है। कार्रवाई के लिए प्रशासनिक अधिकारी मैदान में नहीं उतरे हैं।
Published on:
09 Sept 2021 04:55 pm
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