
भोपाल। कोरोना संक्रमण के कारण रुकी पड़ी सिंधु दर्शन यात्रा इस बार दोबारा प्रारंभ होगी. इस रोमांचकारी यात्रा की तैयारी भी शुरू हो गई है। सिंधु दर्शन यात्रा समिति एवं भारतीय सिंधु सभा की ओर से इस यात्रा का आयोजन किया गया है। सिंधु दर्शन यात्रा में मध्यप्रदेश सिंधी साहित्य अकादमी का भी सहयोग रहता है। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के कारण पिछले दाे साल से सिंधु दर्शन यात्रा नहीं हो पा रही थी।
यह यात्रा 25 वर्ष से चल रही है पर पिछले दाे साल स्थगित रही। इस बार पुनः यात्रा होगी जिसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है। सिंधु दर्शन यात्रा 23 से 26 जून तक लेह लदाख स्थित सिंधु नदी के तट तक होगी। लेह में चार दिवसीय भ्रमण में मध्यप्रदेश से भी एक जत्था शामिल होगा। मध्यप्रदेश सिंधी साहित्य अकादमी के पदाधिकारियों के अनुसार मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में समाज के लोग इस यात्रा पर जाएंगे।
यात्रा में जाने वाले सैलानी रास्ते में आनेवाले सभी पर्यटन स्थलों का भी आनंद उठा सकेंगे- इस यात्रा में जाने वाले सैलानी रास्ते में आनेवाले सभी पर्यटन स्थलों का भी आनंद उठा सकेंगे. इनमें श्रीनगर की डल झील, गुलमर्ग, सोनमर्ग, जोजिला दर्रा, जीरो पॉइंट और कारगिल भी शामिल है। कारगिल में वॉर मेमोरियल का भी दर्शन कर सकेंगे। इसके साथ ही यात्री मैग्नेटिक हिल, लामायूरु, झँस्कार - सिंधु संगम, श्री पत्थर साहिब गुरुद्वारा में मत्था टेकते हुए लेह पहुंचेंगे। यहां पैंगोंग लेक, खारदुंगला टॉप आदि जाएंगे।
इस बार अकादमी की ओर से एक सांस्कृतिक दल भी जा सकता है। सिंधु नदी के तट पर लेह लद्दाख में होने वाले सिंधु महोत्सव में सनातन पद्धति के अनुसार पूजा—पाठ—हवन आदि किए जाएंगे. यहां सिंधी समाज के इष्ट देव भगवान झूलेलालजी का बहराणा साहब की आरती और पल्लव होगा। बौद्ध धर्म के अनुसार भी पूजन होगा एवं राष्ट्रगान भी होगा। यहां अलग—अलग प्रदेशों से आए हुए कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी कार्यक्रम होगा।
Published on:
21 Apr 2022 05:37 pm
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