
भोपाल। शहरों में सीवेज मिलने से बदहाल हो रहीं नदियों और तालाबों को नया जीवन देने के लिए इन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। चार शहरों में नदियों और तालाबों में नए रिवर फ्रंट विकसित किए जाएंगे। इससे शहरों में जल आधारित एडवेंचर गतिविधियां बढ़ेगे। प्रत्येक शहर को इसके लिए 25-25 करोड़ का फंड उपलब्ध कराया जाएगा।
केंद्र सरकार राज्यों द्वारा पूंजीगत व्यय को प्रोत्साहन देने के लिए पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के तहत पूंजी निवेश के लिए सहायता प्रदान करती है। इस योजना के तहत नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग शहरों के लिए विभिन्न योजनाएं तैयार की है। आठ शहरों में एक एकड़ क्षेत्र में नगर वन तैयार करने की योजना बनाई गई है। यहां कम से कम एक एकड़ में नगर वन बनेगा। प्रत्येक शहर को 5-5 करोड़ मिलेंगे। इसके लिए इंदौर, उज्जैन, भोपाल, देवास, जबलपुर, ग्वालियर, रतलाम, सिंगरौली और कटनी ने अपने प्रस्ताव भेजे हैं।
भोपाल-इंदौर में पैदल यात्रियों के लिए पाथवे
ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट के तहत आवागमन मार्गों को पैदल चलने वालों के लिए सुगम बनाया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक शहर को 20-20 करोड़ की राशि दी जाएगी। इस योजना के लिए भोपाल और इंदौर को चुना गया है। दोनों ही शहरों में दो-दो किलोमीटर लंबे पाथवे बनाए जाएंगे। भोपाल में जहां चेतक बि्रज से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन तक तथा इंदौर में ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौराहा तक पाथवे बनाया जाएगा।
स्थानीय संस्कृति को जान सकेंगे पर्यटक
नदियों और तालाब को फिर से जिंदा कर यहां पर्यटन बढ़ाने के लिए चार शहरों में रिवर फ्रंट तैयार किए जाएंगे। 100 करोड़ की इस योजना में शामिल होने के लिए इंदौर ने कान्ह नदी, ग्वालियर ने पृथ्वी ताल, सिवनी ने दाल सागर तालाब, नर्मदापुरम ने नर्मदा नदी, अशोक नगर ने तुलसी सरोवर, कटनी ने कटनी नदी और बदनावर में बलवंती नदी किनारे रिवर फ्रंट विकसित करने का प्रस्ताव भेजा है। इन निकायों में से चार निकायों के प्रस्ताव स्वीकृत होने पर इन्हें 25-25 करोड़ का फंड उपलब्ध कराया जाएगा। ये नदी और जलाशयों के सहारे जल गतिविधियां बढ़ाएंगे।
50 करोड़ से तालाबों की सेहत सुधारने की कवायद
शहर के तालाबों की सेहत सुधार कर उन्हें फिर से पानी सप्लाई करने लायक बनाने के लिए भी एक योजना तैयार की गई है। इसके तहत 10 शहरों को 5-5 करोड़ का फंड उपलब्ध कराया जाएगा। शहर कम से कम एक एकड़ में फैली जलाशयों की पानी की क्वालिटी के सुधार पर काम करेंगे। इसके लिए खुरई के बड़ा तालाब, मैहर के गोपाल बाग तालाब, दतिया के नया ताल, बैरसिया के लैंडिया तालाब, शिवपुरी के मनियर तालाब, आष्टा के खेड़ापति तालाब, उज्जैन के गोवर्धन सागर, विष्णु सागर, विक्रम सरोवर और पारस नगर तालाब को शामिल किया गया है। वहीं, भोपाल के छोटा तालाब, सिरमौर के रानी तलैया, सिंगरौली के शिवधारा तालाब और मनगंवा के खाटखारहा तालाब को योजना में शामिल किया गया है।
Published on:
02 Sept 2023 09:22 pm
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