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मौजूदा वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाने कोटा- पुणे से ऑनलाइन मंगवा रहे कन्वर्जन किट

आरटीओ से मान्यता नहीं, स्थानीय मैकेनिक से लगवा रहे, ऐसे में आग का खतरा बढ़ जाता है

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भोपाल। राजधानी व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपने मौजूदा वाहनों को इलेक्ट्रिक व्हीकल में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए राजस्थान के कोटा से लेकर महाराष्ट्र के पुणे और अन्य शहरों से कन्वर्जन किट ऑनलाइन मंगाई जा रही है। भोपाल में कन्वर्जन किट लगाने के प्रति लोगों की रुचि देखकर बाहरी शहरों की एजेंसियों ने स्थानीय स्तर पर मैकेनिकों से बात कर उन्हें किट फिङ्क्षटग करने का जिम्मा दिया हुआ है। हालांकि, इन किट को आरटीओ समेत अन्य संबंधित एजेंसी से न मान्यता है और न ही इन्हें फिङ्क्षटग करने यहां आरटीओ से अधिकृत कोई एजेंसी है। ऐसे में सस्ती दरों पर वाहन को इलेक्ट्रिक व्हीकल में बदलने की कोशिश महंगी भी साबित हो सकती है। शनिवार को ही एक ई- व्हीकल में चार्जिंग के दौरान आग लगी थी और वह तरह जलकर खाक हो गया। ई कन्वर्जन किट लगी एक स्कूटी में भी आग लगी थी, इसे रिपेयरिंग के लिए भेजा गया है। ऐसे में किट को लेकर मान्यता और जरूरी सुरक्षा इंतजाम देखकर ही इसे लगवाएं।

कन्वर्जन किट लगवाने वाले बढ़े तो शुरू कर दिया स्टार्टअप
भोपाल में रहने वाले रेजी मैथ्यु का कहना है कि उन्होंने कई शहरों से कन्वर्जन किट मंगवाई है। इसे वाहनों में लगवा भी रहे हैं। इसके लिए गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में खुद का स्टार्टअप भी शुरू किया है। वे बैटरी चार्जिंग यूनिट तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कोटा से कई किट खरीदी हैं। खासतौर पर कार की किट की खरीदारी की गई है।

जितनी ज्यादा गति चाहिए, उतनी महंगी होती जाती है ये किट

कोटा में इलेक्ट्रिक व्हीकल कन्वर्जन किट बेचने की एजेंसी संचालित करने वाले सुभम वत्स का कहना है कि भोपाल समेत आसपास के क्षेत्र में उनसे काफी लोगों ने किट खरीदी है। कई लोग अभी इसकी जानकारी ले रहे हैं। अधिकतर कार में लगवा रहे हैं। भोपाल में एक मोपेड में किट लगवाई थी। 72 वॉट की जगह 94 वॉट के करंट से चार्ज करने पर बैटरी में आग लग गई थी। वे इसे अब सुधार कर वापस भेज रहे हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल कन्वर्जन यूनिट एजेंसी के शुभम वत्स का कहना है कि गति के साथ ही एक बार चार्जिंग में गाड़ी कितनी चलेगी, इसके आधार पर किट की दर तय होती है। सामान्य तौर पर डेढ़ किलोवॉट क्षमता की मोटर लगाई जाती है। कई गाड़ी के इंजन के साथ ही मोटर को जोड़ दिया जाता है, ताकि उसकी भार वहन क्षमता बढ़ सके। शुभम का कहना है कि सामान्य तौर पर मोटर बाइक में कन्वर्जन किट का खर्च 40 हजार रुपए के करीब बन जाता है।

किट को लेकर ध्यान दें
इलेक्ट्रिकल विशेषज्ञ और मैनिट की प्रोफेसर डॉ. तृप्ता ठाकुर ने बताया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल बेहतर हैं, लेकिन यदि मौजूदा वाहन को कन्वर्ट कर रहे हैं तो फिर किट मान्यता प्राप्त होना चाहिए। स्थानीय स्तर पर लगवाई गई किट तय मानकों को पूरा नहीं कर पाने की वजह से गाड़ी में आग लगने का कारण बन सकती है। इलेक्ट्रिक व्हीकल ही खरीदे तो बेहतर है। यदि कन्वर्ट कर रहे हैं तो फिर किट को लेकर आश्वस्त होने के बाद ही लगवाएं।