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Janmashtami 2017- रोहिणी नक्षत्र में इस बार नहीं मनाई जाएगी जन्माष्टमी!

जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु के स्वरुप भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन के रूप में ये दिन सनातन धर्मावलंबियों द्वारा मनाया जाता है।

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shree krishna janmotsav

भोपाल। मध्यप्रदेश समेत देश के अधिकांश राज्यों में कृष्ण जन्माष्टमी 2017 की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। सनातन धर्मावलंबियों द्वारा ये दिन भगवान विष्णु के स्वरुप भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।


मान्यता है कि जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु का परम पुनीत मानवावतार भगवान श्री कृष्ण के रूप में जन्म भाद्र पद कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र वृष राशि में अर्ध रात्रि को हुआ। पंडित सुनील शर्मा ने बताया कि तभी से इस कारण प्रत्येक वर्ष भाद्रपद अष्टमी तिथि को कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम और धार्मिक परंपरा के साथ मनाया जाता है।

पंडित शर्मा के अनुसार कि इस वर्ष अर्ध रात्रि व्यापिनी अष्टमी तिथि 14 अगस्त 2017 दिन सोमवार को होगी । क्योंकि अष्टमी तिथि 14 अगस्त 2017 दिन सोमवार को दिन में 5 बजकर 40 मिनट से लग रही है, जो अगले दिन 15 अगस्त 2017 दिन मंगलवार को दिन में 3 बजकर 26 मिनट तक ही रहेगी। इसलिए अर्धरात्रि व्यापिनी अष्टमी तिथि 14 अगस्त को होगी और कृष्ण जन्मोत्सव भी इसी रात को मनाया जाएगा। उदया तिथि में जन्मोत्सव मनाने वाले वैष्णव मतावलम्बी 15 अगस्त 2017 दिन मंगलवार को मनायेंगे। इस वर्ष अष्टमी तिथि में रोहिणी नक्षत्र का अभाव है।

जन्माष्टमी: ऐसे होगी पैसों की तंगी होगी दूर!:
इस बार 14 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जा रही है। जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण को उनके भक्त माखन के अलावा उन्हें प्रसन्न करने के लिए मिश्री का भोग लगाते है। इस दिन को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

भगवान श्रीकृष्ण को मोर पंख काफी प्रिय है। उनके मुकुट में मोर पंख भी लगा है। वहीं, मोर को धार्मिक कथाओं में उच्च दर्जा दिया गया है।

मोर पंख केवल भगवान श्रीकृष्ण को ही पसंद नहीं है, बल्कि लोगों को भी काफी प्रिय होता है। यह लोगों की जिंदगी में भी काफी मायने रखता है। मान्यताओं के अनुसार, एक मोर पंख के लोगों के जिंदगी में आने से काफी फायदे हो सकते हैं। जीवन में आ रही तमाम परेशानियां दूर हो सकती हैं। यहां हम आपको मोर के पंखों के फायदे बता रहे हैं। पंडित शर्मा के अनुसार मान्यता है कि मोर पंख का इस दिन एक निश्चित तरीके से उपायोग करने पर यह व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक होता है।

- मान्यता है कि जन्माष्टमी पर्व की रात को मंदिर जाकर भगवान कृष्ण के मुकुट पर मोर पंख लगाना चाहिए। इसके बाद पूजन करें। मोर पंख को 40 वें दिन उठाकर अपनी तिजोरी या फिर जहां पैसे रखते हैं, वहां पर रख दें। इससे पैसों की तंगी तो दूर होगी साथ ही साथ जीवन में आ रही तमाम परेशानियां भी दूर हो सकती हैं।


-यह भी कहा जाता है कि जन्माष्टमी की रात तकिए के नीचे सात मोर पंख को रख दें। बताया जाता है कि इससे कुंडली के कालसर्प दोष दूर हो जाते हैं।

-वहीं लोगों का यह भी मानना है कि नवजात बच्चे के सिर की तरफ दिन रात एक मोर का पंख चांदी के ताबीज में डाल कर रखने से बच्चा नजर दोष से बचा रहता है।