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70% ब्लाइंड… किसी ने नहीं दी नौकरी… प्यून बनने मजदूरी कर जमा किए थे पैसे आज हैं असिस्टेंट प्रोफेसर

Success Story: जन्म से दृष्टिबाधित प्रह्लाद यादव… जिन्हें किसी ने नौकरी के लायक नहीं समझा, कितने आवेदन किए, सरकारी पोर्टल तक पहुंचे, लेकिन हर तरफ सिर्फ खामोशी..सन्नाटा.. और फिर एक दिन बदल गई तकदीर...patrika.com पर पढ़ें 70 फीसदी तक दृष्टिबाधित प्रह्लाद के संघर्षों से सफलता का सफर तय करती खास पेशकश…

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Success Story Prahalad Yadav

Success Story Prahalad Yadav: प्रह्लाद यादव की सफलता की कहानी खुद उनकी जबानी... हंसते हुए क्यों रो पड़े असिस्टेंट प्रोफेसर (photo: patrika)

Success Story: 'फासलों को तकल्लुफ है हमसे अगर…हम भी बेबस नहीं, बेसहारा नहीं...' ये पंक्ति प्रह्लाद यादव की जिंदगी पर लिखी गई एक ऐसी इबारत है… जहां अंधेरा जन्म से था, लेकिन उनके हौसले की रोशनी कभी बुझी ही नहीं। ये पंक्ति अकेल प्रह्लाद यादव के लिए नहीं बल्कि हर इंसान के लिए ऐसा सबक है कि, 'अगर हम खुद को कमजोर, लाचार, अकेला नहीं मानते तो जिंदगी की हर रुकावट, हर बाधा भी हमें रोकने से हिचकिचाती है।'

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