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बीमा अस्पताल के किचन में शराब की बोतलें, मरीजों को बीपी तक की दवा नहीं

श्रम मंत्री ने किया निरीक्षण, एक कर्मचारी सस्पेंड, डॉक्टर को शोकॉज नोटिस

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भोपाल

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Sunil Mishra

Feb 02, 2019

Hamidia Hospital

hamidia hospital

कहने को अस्पताल लेकिन मरीजों को ब्लड प्रेशर तक की दवाएं नहीं मिल रहीं। किचन में खाद्य सामग्री की बजाय शराब की बोतलें भरी पड़ी। पहले पर्चा बनवाने तीन किलोमीटर सुभाष नगर जाओ, उसके बाद मिलेगा अस्पताल में इलाज। सोनोग्राफी मशीन है लेकिन जांच नहीं होती। कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल की यह हकीकत उस समय सामने आई जब श्रम मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया ने औचक निरीक्षण किया। किचन में शराब की करीब एक दर्जन बोतलें देखकर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए एक कर्मचारी को निलंबित करने और एक डॉक्टर को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। मंत्री सुबह करीब 11 बजे बीमा अस्पताल पहुंचे। उन्होंने निरीक्षण शुरू किया तो हर जगह अव्यवस्थाएं नजर आईं। अस्पताल की पैथोलोजी लैब भी बंद पड़ी है। इसमें कोई जांचें नहीं हो रही हैं। मंत्री जैसे ही किचन में पहुंचे तो वहां एक्जास्ट फैन खराब मिला, चारों ओर गंदगी का आलम था। प्लेटफार्म के नीचे शराब की खाली बोतलें भरी हुई थीं। यह देखकर मंत्री भड़क गए। श्रम मंत्री ने रसोईघर में अव्यवस्थायें मिलने पर गहरी नाराजगी जताते हुए किचन इंचार्ज विनीत विल्सन को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने तथा इंचार्ज चिकित्सक डॉ. सी.एम. केसरी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को रिनोवेशन का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने और आगामी दस दिनों में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। 15 दिन से लगा रहे चक्कर लेकिन नहीं मिली दवा मंत्री ने वहां मौजूद मरीजों से भी बातचीत की। इस दौरान बारेलाल अहिरवार ने बताया कि वो अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर 15 दिन से अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। उसे अभी तक ब्लड प्रेशर की दवा तक नहीं मिली। पत्नी दीपिका के पैरों में सूजन आ गई है। अब यह देखकर डर लग रहा है कि जब बीपी की दवा नहीं है तो ऐसे अस्पताल में प्रसूति कैसे कराएंगे। मंत्री ने तत्काल अपने पीए का नंबर मरीज को दिया और कहा कि शाम तक दवा नहीं मिले तो उन्हें बताएं। मशीन होने के बावजूद बाहर कराते हैं सोनोग्राफी मरीजों ने यह भी शिकायत की कि उन्हें पर्चा बनवाने सुभाष नगर जाना पड़ता है उसके बाद ही बीमा अस्पताल में डॉक्टर देखते हैं। अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन है लेकिन उससे भी जांच नहीं होती। क्योंकि कोई रेडियोलोजिस्ट ही नहीं है। पैथोलोजी जांचें भी बाहर कराना पड़ती हैं। इसके बाद मंत्री ने निर्देश दिये कि सभी वार्डों में दरवाजों और खिड़कियों पर मच्छर जाली आवश्यक रूप से लगाई जाये। उन्होंने अस्पताल में बंद बड़ी सोनोग्राफी मशीन चालू कराने के लिये शीघ्र ही रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति करने के निर्देश दिये। चिकित्सालय की अधीक्षक डॉक्टर सत्यवती हेमान्द्री को वार्ड बॉय और अन्य रिक्त पदों की डिमांड भेजने के निर्देश दिये। श्रम मंत्री ने म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल कार्यालय का भी निरीक्षण किया।