
Vitamin D
MP News: झीलों की नगरी भोपाल में रोशनी की कोई कमी नहीं है। सूर्य यहां खूब चमकता है। बावजूद इसके लोग विटामिन डी की कमी से परेशान हैं। चिकित्सकों के अनुसार राजधानी में बढ़ता प्रदूषण और आधुनिक जीवन शैली लोगों को विटामिन डी से दूर कर रही है। इससे लोगों की हड्डियां कमजोर हो रही हैं। कई मरीजों में विटामिन डी की कमी से दिल, किडनी और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं देखी जा रही हैं। हड्डियों के टूटने से स्थायी विकलांगता के मरीज भी बढ़ रहे हैं।
इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन नेशनल इकोनॉमिक रिलेशन आइसीआरइआर की रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण के कारण सूर्य की अल्ट्रावायलट किरणों के पृथ्वी के स्तर तक पहुंचने में बाधा हो रही है। प्रदूषित वायुमंडल में मौजूद कण और गैसें सूरज की यूवीबी किरणों को अवशोषित कर देती हैं, जो विटामिन डी की कमी की प्रमुख कारण हैं।
● 46 फीसदी बच्चे 10 वर्ष की उम्र के रिकेट्स से पीड़ित
● 80 फीसदी से अधिक बुजुर्गों की हड्डियां कमजोर
● 25 वर्ष से कम आयु के लोगों में 84 प्रतिशत विटामिन डी कमी
● 25-40 आयु वर्ग में 81 प्रतिशत की कमी
● हर 5 में से एक व्यक्ति विटामिन डी की कमी से पीड़ित
● हड्डियां कमजोर
● दिल, किडनी व प्रजनन से जुड़ी समस्याएं
● हड्डियों के टूटने व स्थायी विकलांगता का खतरा
● बच्चों में रिकेट्स की बीमारी
● वयस्कों में ऑस्टियोमैलेशिया विकार
● कमजोरी, थकान और अवसाद
● विटामिन डी के विकल्प बहुत महंगे
● 1500 रुपए में विटामिन डी टेस्ट
● सप्लीमेंट्स की कीमतें बहुत ज्यादा
● फोर्टिफिकेशन सिर्फ दूध और तेल तक सीमित
● मिड-डे मील में भी विटामिन की चीजें अनुपलब्ध
Updated on:
10 Apr 2025 11:11 am
Published on:
10 Apr 2025 11:11 am
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