
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित पुलिस हेडक्वाटर में उस समय हंगामा हो गया, जब दो महिलाओं ने क्रमश: दो पुलिस अफसरों पर सीधे तौर पे यौन शोषण का आरोप लगा दिया। महिलाओं द्वारा ये आरोप लगाने के साथ ही हेडक्वाटर में अफरातफरी मच गई। वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री के भी हेडक्वाटर में मौजूद होने से पुलिस अधिकारी महिलाओं को समझाने बुझाने में लग गए। लेकिन महिलाएं सीएम से मिलने पर अड़ी रहीं।
दरअसल मंगलवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान महिला अपराध की समीक्षा के लिए पुलिस हेडक्वाटर आए हुए थे। इसी दौरान दो महिलाएं यहां आ गई और दो पुलिस अफसरों क्रमश: एएसपी व सीएसपी पर यौन शोषण का आरोप लगा कर हंगामा करने लगी।
हेडक्वाटर में अचानक इन महिलाओं द्वारा हंगामा किए जाने व पुलिस अधिकारियों पर ऐसे संगीन आरोप लगाए जाने के चलते वहां उपस्थित पुलिसकर्मियों के हाथ पांव फूल गए। इनमें से एक महिला महिला आरक्षक है।
इस दौरान ये महिलाएं न्याय के लिए सीएम से मिलने की जिद पर अड़ गई। इनमें से एक महिला जो महिला आरक्षक भी है के अनुसार एक ने क्यूडी शाखा में कार्यरत asp राजेंद्र वर्मा ने उसका यौन शोषण किया है। वहीं दूसरी महिला ने एक सीएसपी पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि सीएसपी ने 12 साल तक उसका शारीरिक शोषण किया है। वहीं ये महिलाएं यहां सीएम से मिलने की कोशिश कर रही हैं, जबकि सीएम अभी बैठक में व्यस्थ हैं।
आरोप है कि पुलिस दोनों को सीएम से मिलने नहीं दे रही है। महिलाओं द्वारा लगातार हंगामा किए जाने के चलते एक महिला जो पुलिस में ही सिपाही है को क्यूडी शाखा में नजरबंद कर दिया गया है।
महिलाओं का कहना है कि वे न्याय के लिए भटक रहीं हैं। जबकि सीएम महिला अपराध की समीक्षा में व्यस्त बने हुए हैं। वहीं खबर लिखे जाने तक सीएम बंद हॉल के अंदर होम मिनिस्टर व डीजीपी सब साथ महिला अपराध को लेकर गुफ़्तुगू में व्यस्त हैं।
Updated on:
22 Nov 2017 09:52 am
Published on:
21 Nov 2017 04:59 pm
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