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भू माफिया घनश्याम ने कॉम्पलेक्स और सामुदायिक भवन की जगह भी बेची

- कलेक्टर जनसुनवाई में नहीं थम रहा गृह निर्माण सोसायटियों की शिकायत का सिलसिला, 40 शिकायतें आईं

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Ahmedabad City: 71 आवास समेत 74  निर्माण ढहाए

Ahmedabad City: 71 आवास समेत 74 निर्माण ढहाए

भोपाल। गृह निर्माण सोसायटी में जितनी तेजी से लोगों को प्लॉट नहीं मिल रहे, उससे कहीं चार गुना रफ्तार से पीडि़त सामने आ रहे हैं। मंगलवार को कलेक्टोरेट में हुई जनसुनवाई में अब तक का सबसे पुरान मामला सामने आया है। जिसमें एक कृषि विभाग से रिटायर्ड उपसंचालक अवतार सिंह ने शिकायत करते हुए बताया कि वे प्लॉट पाने के लिए पिछले 56 साल से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनका प्लॉट नहीं मिला।

ऐसे ही एक अन्य मामले में दिल्ली से रिटायर्ड हुए एक अधिकारी ने प्लॉट न मिलने की शिकायत की है। रोहित नगर फेज टू में भू माफिया धनश्याम राजपूत ने कॉम्पलेक्स और सामुदायिक भवन निर्माण की जमीन को बेच दिया। इस जमीन पर निर्माण करने वाले ने चार मंजिला इमारत खड़ी कर उसे सीबीएसई को किराए पर दे दिया है। इसकी सभी अनुमतियां भी अवैध हैं। शिकायतकर्ता जेके जैन से इस निर्माण को ध्वस्त करने के संबंध में शिकायत की हैं।

कलेक्टर जनसुनवाई में 1986 में उप संचालक कृषि के पद से रिटायर्ड हुए अवतार सिंह ने बताया कि वे शासकीय कर्मचारी पोपुलर को-ऑपरेटिव सोसायटी के वरिष्ठ सदस्य थे। 1963 में 1824 रुपए में ई-4 में 234 गुणा 40 फीट का प्लॉट मिलना था, वो जगह शासन ने सार्वजनिक भवन के नाम पर ले ली और समिति को आवंटन निरस्त करते हुए ई-3 में तीन प्लॉट दिए गए। इनको जो प्लॉट दिया वो अविकसित था। कुछ और लोगों को अविकसित प्लॉट मिले, जिनके मामले में सुनवाई के बाद 1966 में उन्हें प्लॉट मिल गए, लेकिन इनको प्लाट नहीं मिले। 1986 में फिर से आवेदन किया और बताया कि अरेरा में प्लॉट नहीं है तो सुभाष नगर या शाहपुरा में प्लॉट का आवंटन कर दिया जाए। लेकिन कुछ नहीं हुआ।

रिटायर्ड होकर लौटे तो प्लॉट ही नहीं मिला

सुभाष नगर स्थित गांधी स्मारक गृह निर्माण समिति में एक फरवरी 1985 में एक प्लॉट बुक कराया था। सोसायटी ने बरखेड़ापठानी में प्रगति नगर में भूखंड क्रमांक 5 आवंटित किया था। उस समय समिति ने 28 हजार 185 रुपए मांगे थे जो उन्हें दे दिए, रजिस्ट्री भी करा दी गई। जब दिल्ली से रिटायर्ड होकर भोपाल और अपने प्लॉट पर निर्माण कराने का प्लान बनाया तो पता चला वहां प्लॉट ही नहीं हैं।2004 में कोर्ट से उनके पक्ष में फैसला आया, लेकिन प्लॉट फिर भी नहीं मिले।

दूरसंचार गृह निर्माण सोसायटी में नंबर के बाद प्लॉट नहीं मिला

एसके जैन ने आरोप लगाया है कि वे 1987 से सदस्य हैं। उनकी सदस्यता क्रमांक 166 है। लेकिन आज तक रजिस्ट्री नहीें हुई है। उनको 105 नंबर प्लॉट का आवंटन किया था, जो 1500 वर्गगज का बताया गया था। उनके द्वारा करीब इक्कीस हजार रुपए का भुगतान किया गया था। सोसायटी के पास पीपलनेर, बावडिय़ाकला और चूनाभट्टी में करीब 20 एकड़ जमीन थी। संस्था के वर्तमान अध्यक्ष ने लिखित में गलत जानकारी दी है।

गैस पीडि़त भी पिसे रोहित में

71 साल के गैस पीडि़त दृष्टि बाधित महेंद्र सिंह कोरे 1983 में रोहित गृह निर्माण सोसायटी के सदस्य हैं। उनका सदस्यता क्रमांक 126 है। 1575 की जगह 1375 वर्ग फीट का प्लॉट दिया गया। महेंद्र सिंह कोरे ने आरोप लगाया है कि आज दिनांक तक प्लॉट नहीं मिला है।

मां ने लगाई मृतक बेटी को न्याय दिलाने की गुहार

मनुआभान की टेकरी पर 12 अप्रेल 2019 को 12 वर्ष की छात्रा की दुष्कर्म के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना को हुए 10 माह से ऊपर हो चुके हैं, लेकिन अभी तक इस मामले में न तो डीएनए रिपोर्ट प्राप्त हुई और न मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में गया। इस संबंध में छात्रा की मां व अन्य परिजनों की तरफ से कलेक्टर जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत में बताया गया है कि मुख्य आरोपी अविनाश साहू और जस्टिन राज पर एससी एक्ट भी नहीं लगाया गया है।