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सदी का सबसे बड़ा चंद्रग्रहण इस दिन, जानिए आप पर इसका प्रभाव!

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश...

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Lunar Eclipse

Lunar Eclipse

भोपाल। इस सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण इसी माह 27 जुलाई को पड़ रहा है। इस ग्रहण के संबंध में कहा जा रहा है कि इसका असर देश में छह माह तक रहेगा।

वहीं जानकारों के अनुसार इस बार ग्रहण पर कुछ योग ऐसे बन रहे हैं जो करीब 150 वर्षों बाने हैं। इन्हीं सब कारणों के चलते इस चंद्रग्रहण को ज्यादा ही खास माना जा रहा है। यह मध्य रात्रि के बाद तक पूरे भारत में दिखाई देगा।
ऐसे में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश व देश में इसे देखा जा सकेगा। ज्योतिषों का मानना है कि इसका प्रभाव भी मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल सहित अन्य जगहों पर भी पड़ेगा।

ग्रहण का ज्योतिष में सीधा संबंध राहु-केतु से माना गया है। पंडित सुनील शर्मा के अनुसार ज्योतिष में राहु, केतु को राक्षस ग्रह माना गया है।

चंद्रग्रहण के समय राहु और केतु की छाया सूर्य और चंद्रमा पर पड़ती है। ऐसी मान्यता है कि इस कारण सृष्टि इस दौरान अपवित्र और दूषित को हो जाती है। जिसे उपायों, दान, धर्म और पवित्र सरोवरों में स्नान के द्वारा शुद्ध किया जा सकता हैं।

सबसे लंबा ग्रहण...
जानकारों के अनुसार 27 जुलाई की मध्यरात्रि में चन्द्रमा को ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण सदी का सबसे लंबा ग्रहण होगा ऐसा माना जा रहा है। करीब चार घंटे तक चन्द्रमा ग्रहण के प्रभाव में रहेगा।

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ऐसे में ज्योतिष के जानकार मान रहे हैं कि ग्रहों की यह स्थिति देश दुनिया के लिए बहुत अच्छी नहीं है। इससे प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं में जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता है।

ग्रहण का समय...
27 जुलाई मध्य रात्रि 11.54.26 बजे से 28 जुलाई सुबह 03.48.59 बजे तक।
चंद्रग्रहण की कुल अवधि : 3 घंटा 54 मिनट और 33 सैकेंड।
सूतक काल की शुरुआत: 27 जुलाई दोपहर 12.27.28 बजे से...
सूतक काल की समाप्ति : 28 जुलाई सुबह 03.48.59 बजे तक।
सूतक लगते ही मंदिरों के पट बंद हो जाएंगे।

हर कोई होगा प्रभावित!...
भले ही आकाश में घटने वाली यह घटना है तो खगोलीय मगर इस घटना का धार्मिक महत्व भी कुछ कम नहीं है। ज्योतिष के अनुसार इसका असर लोगों के ऊपर और जन्म कुंडली में 12 राशियों और ग्रहों पर भी पड़ता है।

इन देशों में दिखेगा चंद्रग्रहण...
सदी का यह सबसे लंबा चंद्रग्रहण भारत के अलवा ऑस्ट्रेलिया, एशिया, अफ्रीका, यूरोपीय देशों व अंर्टाकटिका में भी देखा जा सकेगा। इस साल यह दूसरा मौका होगा जब ग्रहण के समय ब्लड मून दिखेगा। चंद्रग्रहण देखने के लिए बड़ी-बड़ी इमारतों और लाइट्स से दूर खुले इलाके या छत पर जाएं। इसे देखने के लिए टेलिस्कोप की जरूरत नहीं, लेकिन अगर टेलिस्कोप से देख लें तो आपका चांद और भी खूबसूरत और निराला नजर आएगा।

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इन राशियों पर रहेगा ये प्रभाव...
पंडित सुनील शर्मा के अनुसार यह ग्रहण वृश्चिक, मीन राशि के जातकों के लिए शुभ है, जबकि मेष, सिंह राशि वालों को कुछ परेशानी देने के बाद सफलता भी दिला सकता है। वहीं मिथुन, तुला, मकर, कुंभ राशि वाले जातकों के लिए अशुभ, वृषभ, कर्क, कन्या, धनु राशि के जातकों के लिए सामान्य फलदायक रहेगा।

ये रखें खास सावधानी...
ग्रहण का असर हर राशि पर पड़ता है लेकिन गर्भवती स्त्री और उसके होने वाले बच्चे के लिए चंद्र ग्रहण का प्रभाव 108 दिनों तक रहता है। ऐसे में गर्भवती महिला को लेकर ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इस दिन कई कार्यों को करना अशुभ माना जाता है, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को सावधान रहने की आवश्यकता मानी जाती है।

ग्रहण के समय यह न करें
ग्रहण के समय भोजन और शयन नहीं करना चाहिए। ग्रहण के एक प्रहर पूर्व रोगी, वृद्ध, बच्चों को भी भोजन नहीं करना चाहिए। ग्रहण के पूर्व पश्चात दोनों समय स्नान करना चाहिए। ज्योतिषों के अनुसार इस वर्ष ग्रहण का प्रभाव पूरे भारत वर्ष पर पड़ेगा। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को इस दिन घर में रहकर ओउम् क्षीरपुत्राय विह्महे अमृत तत्वाय धीमहि तन्नो चंद्र प्रचोदयात् मंत्र का जाप करना चाहिए, साथ ही इस दिन सात अनाज एक साथ मिलाकर दान करना चाहिए।