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मेजर अजय प्रसाद के आखिरी शब्द थे ‘अब हमें केवल हवाई सहायता ही बचा सकती है’

ठीक बीस साल बाद 26 फरवरी को बालाकोट में हवाई हमले ने बदला हमारा इतिहास, मई माह में शहीद हुए मप्र के शूरवीरों को शौर्य स्मारक में नमन

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Major Ajay Prasad

Major Ajay Prasad

भोपाल। जिन शहीदों की शहादत की वर्षगांठ मई के महीने में थी उन्हें राजधानी के पूर्व सैनिकों की ओर से गुरुवार को शौर्य स्मारक में आयोजित एक कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही शहीद मेजर अजय कुमार प्रसाद और लांस नायक राजेंद्र सिंह यादव के परिजनों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर डॉ. जयलक्ष्मी विनायक ने शहीद मेजर अजय कुमार प्रसाद, सेना मैडल (मरणोपरांत) के बारे में बताया कि वे उन्होंने जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग मे ऑपरेशन रक्षक के तहत 5 अगस्त 1998 को तीन कट्टर आतंकवादियों को ढेर किया।

इसी क्षेत्र में आक्रामक पेट्रोलिंग जारी रखी और 19 मई 1999 को मेजर अजय कुमार एक आईईडी विस्फोट के शिकार हुए और वीरगति को प्राप्त हुए। उनके अदम्य उत्साह, अर्जुन एकाग्रता और मौका- ए- वारदात की नेतृत्वता के लिए उन्हें सेना मेडल से नवाजा गया। डॉ. जयलक्ष्मी ने बताया कि मेजर अजय कुमार के आखिरी शब्द थे 'अब हमें केवल हवाई सहायता ही बचा सकती है' मानो उन्हें पूर्वाभास था... ठीक बीस साल बाद 26 फरवरी को तड़के सुबह बालाकोट में हवाई हमले ने हमारा इतिहास बदला।

लांस नायक राजेंद्र सिंह यादव समेत अन्य शहीदों को किया याद

कार्यक्रम में कारगिल युद्ध में शहीद हुए लांस नायक राजेंद्र सिंह यादव को शौर्य और पराक्रम के लिए सेना मेडल (मरणोपरांत) से नवाजा गया था। मई माह में मप्र से हवलदार राम करन सिंह तोमर, मेजर आशीष कुमार दुबे, नायक अनूप कुमार शर्मा (शौर्य चक्र), नायक कन्हैयालाल सिंह, हवलदार सुल्तान सिंह नरवरिया, सिपाही शैलेन्द्र सिंह जादौन, नायक आरएन मिश्रा, सिपाही बसंत लाल और राईफलमैन बेताल सिंह भी शहीद हुए थे, इन सभी जांबाजों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुदर्शन चक्र कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आरपी सिंह ने शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) मिलन नायडू पीवीएसएम, एवीएसएम, वायएसएम और प्रमुख सचिव, संस्कृति विभाग पकंज राग विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन ब्रिगेडियर (रिटा.) आर. विनायक वीएसएम ने किया।