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भाजपा में अंदरुनी विरोध हावी! अब होगा रणनीति में बदलाव

लोकसभा चुनावों से पहले अंतर्कलह के चलते समर्थकों में हुई झड़प...

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2019 election 2019

भाजपा में अंदरुनी विरोध हावी! अब होगा रणनीति में बदलाव

भोपाल। लोकसभा चुनावों 2019 Elections का जैसे जैसे समय नजदीक आता जा रहा है। वैसे वैसे पार्टियों में अंतर्कलह व नाराजगी भी सामने आते जा रही है।

लोकसभा चुनावों के लिए बांटे गए टिकटों से नाराज पार्टी के समर्थक न केवल इन दिनों नाराज दिख रहें हैं, बल्कि वे अब खुले विरोध latest BJP polls में भी आ गए हैं।

हर रोज बदल रहे समीकरणों के बीच जानकारों का मानना है कि मध्यप्रदेश के हालात धीरे धीरे विधानसभा चुनाव fight with congress के समय हुई उसी स्थिति के आस पास पहुंचते दिख रहे है, जहां पार्टियों के समर्थक या नेता सीधे तौर पर विरोध में उतर आए थे।

दरअसल प्रदेश की राजनीति में देखें तो जहां एक ओर भाजपा में लगातार विरोध के स्वर उभरते दिख रहे हैं। वहीं कांग्रेस में गुटबाजी भी काफी हद तक देखने को मिल रही है।

राजनीति के जानकार डीके शर्मा के अनुसार प्रदेश में जहां एक ओर भाजपा की अंतर्कलह लगातार सामने आने लगी है। वहीं लोगों में चर्चा है कि दिग्विजय सिंह सहित कुछ नेताओं को लेकर भी कांग्रेस में गुटबाजी होती सी दिख रही है।

इसी कारण कांग्रेस के अंदर तक यह भी माना जा रहा है, कि विरोधियों ने षडयंत्र के तहत कांग्रेस में गुटबाजी करते हुए दिग्विजय सिंह को हराने के लिए उन्हें भोपाल से उतारा गया है, जिससे उनके पर-कतरे जा सकें यानि उनके कद को कम किया जा सके।

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पार्टियां नहीं हैं एकजुट:
एक ओर जहां शहडोल में भाजपा के मौजूदा सांसद ज्ञानसिंह अपना टिकट कटने से नाराज हैं। वहीं जानकारों की मानें तो प्रदेश के कई और नेता भी भाजपा Latest BJP polls से नाराज चल रहे है।

ऐसे में चाहे भोपाल हो या इंदौर अब तक भाजपा अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं कर सकी है। इसके अलावा कांग्रेस में भी हालात काफी ठीक नहीं दिख रहें हैं। कांग्रेस fight with congress के अंदर प्रदेश में गुटबाजी कहीं छिपी नहीं है। सूत्रों के अनुसार इसी के चलतेे अरुण यादव सहित कुछ और नेताओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

भाजपा में अंतर्कलह...
भाजपा में अंतर्कलह का एक मामला सामने आया है, जहां मौजूदा सांसद का टिकट कटने से नाराज लोगों ने भाजपा कार्यालय में तक ताला जड़ दिया। वहीं इस पूरे मामले को शांत कराने में पुलिस को तक हस्तक्षेपकरना पड़ा।

ऐसे समझें पूरा मामला:
भाजपा से बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र से टिकट कट जाने से नाराज चल रहे सांसद बोधसिंह भगत के समर्थकों ने भाजपा Latest BJP polls 2019 कार्यालय पर हंगामा किया। विरोध उग्र होता देख यहां भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

हद तो तब हो गई जब किसी कार्यकर्ता ने भाजपा कार्यालय के प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया। इसी दौरान पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन और उनके समर्थकों ने ताला तोड़कर भाजपा प्रत्याशी ढालसिंह बिसेन Elections fight with congress को कार्यालय में प्रवेश कराया। इस दौरान दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। पुलिस ने मामला शांत कराया।

वापस जाओ के नारे लगाए:
विरोध के दौरान सांसद भगत के समर्थकों ने ढाल सिंह बिसेन और पूर्व कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन के खिलाफ नारेबाजी की। ढाल सिंह बिसेन वापस जाओ के नारे लगाए।

इस मामले में किसी भी भाजपा पदाधिकारी ने चर्चा करने से इनकार कर दिया। हालांकि, भाजपा प्रत्याशी ढाल सिंह ने पहले कहा कि उन्होंने कुछ नहीं देखा, लेकिन बाद में इसे परिवार की कलह बताई।

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उन्होंने कहा कि परिवार में जिस तरह भाई-भाई में विवाद होता है और बाद में मिल जाते हैं, उसी तरह से ये भी मिल जाएंगे।

इधर, विधायक जालमसिंह पटेल पर मामला दर्ज...
वहीं एक दूसरे मामले में नरसिंहपुर के कोतवाली थाना पुलिस ने अतिक्रमण हटाने के दौरान राजस्व अमले से मारपीट और दो कर्मचारियों के अपहरण की शिकायत पर नरसिंहपुर विधायक जालम पटेल सहित 10 पर केस दर्ज किया है।

एसपी गुरकरण सिंह ने बताया कि 30 मार्च को ग्राम लकड़हाऊ सगौनी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध के दौरान विधायक जालम पटेल ने ग्रामीणों को अमले से मारपीट के लिए उकसाया। घायल पटवारी सुभाष कोरी (30) और एक अन्य कर्मचारी को अपने साथ कार में भी ले गए।

ये होगा बदलाव...
इन अंदरुनी गुटबाजी व कलहों के चलते माना जा रहा है कि दोनों पार्टियां अपनी रणनीति में बदलाव कर सकती है। ऐसे में भाजपा को लेकर जो बात सामने आ रही है उसके अनुसार भोपाल से प्रत्याशी के रूप में भाजपा के जिन वीडी शर्मा का नाम सामने आ रहा था, वे अब मुरैना, जबकि मुरैना से घोषित हो चुके प्रत्याशी नरेंद्र सिंह तोमर को भोपाल चुनाव के लिए लाया जा सकता है। इसी प्रकार जल्द ही कांग्रेस की रणनीति में भी कुछ बदलाव के आसार हैं।