20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अशोका गार्डन में हुई 2 लाख की चोरी, बेटी के पढ़ाई के लिए जोड़े थे पैसे

अशोका गार्डन में हुई चोरी, बेटी के पढ़ाई के लिए जोड़े थे पैसे

2 min read
Google source verification
theft, theft in bhopal, ashokagarden, bhopal patrika, patrika news, crime, crime news, police, mp police,

भोपाल। राजधानी के अशोका गार्डन क्षेत्र में अचानक चोरी की घटना सामने आई है। जिसमें चोरों ने लगभग दो लाख का सामान चोरी कर लिया है। जानकारी के अनुसार जिस समय चोरी हुई उस वक्त परिवार का कोई भी इंसान घर पर नहीं था। जिसके चलते चोरी की घटना हुई। परिवार वालों द्वारा पुलिस को सूचना दे दी गई है। पुलिस द्वारा जांच पड़ताल की जा रही है।

बेटी की पढ़ाई के लिए जोड़ा था पैसा
परिवार वालों के बताया कि इतना पैसा हमने अपनी बेटी कि पढ़ाई के लिए जोड़ा था। ताकि हमारी बेटी ठीक से पढ़ सके और जो चाहे वो बन सकें। पर, चोरों ने पूरा पैसा चुरा लिया। अब हम बेटी की पढ़ाई कैसे करवाएंगे।

पहले भी हो चुकी है चोरी की कई वारदातें
भोपाल में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी है। छुट्टियों में परिवार सहित शहर से बाहर गए बीएचईएल के चार इंजीनियरों के सूने क्वाटर्स को चोरों ने निशाना बनाकर लाखों रुपए के माल पर हाथ साफ कर दिया था। एक इंजीनियर के मकान के पास सूने क्वार्टर में छुपाकर रखी गई एलईडी टीवी वापस लेने आए चोरों का सामना पड़ोसियों से हुआ तो वे पेड़ पर चढ़ गए। लोगों के घेराबंदी करने पर युवक भाग खड़े हुए। जागरुक नागरिकों की सूचना पर पुलिस चोर गिरोह के खुलासे के करीब पहुंच गई है। पिपलानी इलाके में बीएचईएल के बी सेक्टर में टाइप फोर के क्वार्टर नम्बर 13 में रहने वाले अजय सिंह ठाकुर सीनियर इंजीनियर हैं।

ठाकुर 23 दिसम्बर को शादी समारोह में शामिल होने के लिए परिवार सहित पैतृक शहर जबलपुर गए थे। वे अपने सहकर्मी गजेन्द्र सिंह राठौर को घर की देखभाल के लिए बोल गए थे। दो दिनों तक राठौर घर पर ही सोए लेकिन इस दौरान वारदात नहीं हुई। बुधवार रात किसी जरुरी काम के चलते वे रुकने नहीं आ सके। गुरुवार सुबह लगभग 10.30 बजे वे लाइट्स बंद करने और हालात चैक करने पहुंचे तो पूरा घर तहस-नहस पड़ा हुआ था। चोर पीछे की खिड़की का ग्रिल खोलकर अंदर आए और सभी कमरों में घंटों तक तलाशी ली। इस दौरान सभी अलमारियों के ताले तोडऩे के साथ सारे सूटकेस, गद्दे उलटे-पलटे हुए थे।