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EXclusive Interview: जानिये क्या है मेयर आलोक शर्मा का शहर डेवलपमेंट प्लान – Video

पत्रिका से खास बातचीत में मेयर आलोक शर्मा शहर के हर पहलु से जुड़ी चीजों पर खुलकर बोले...

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Alok sharma

भोपाल। किसी भी शहर की खासियत के लिए वहां के नागरिक जिम्मेदार होते हैं। और किसी भी शहर का प्रथम नागरिक वहां के महापौर..., शहर के विकास से लेकर कई अन्य जगहों जैसे शहर की सुंदरता, स्वच्छता या विकास हर ओर के लिए निगम को जिम्मेदार माना जाता है और इस निगम का प्रमुख भी वहां का महापौर ही होता है।


इन्हीं सब मामलों व शहर के विकास सहित भविष्य में शहर कहा हो इस सोच को जानने के लिए पत्रिका की ओर से भोपाल महापौर आलोक शर्मा से बातचीत की गई। इस दौरान सवालों पर बेबाकी से जवाब देते हुए महापौर शर्मा ने अपने सपनों के भोपाल का भी यहां जिक्र किया।

सवाल- भोपाल को आप किस तरह देखते हैं?
जवाब- भोपाल मैं समझता हूं हिंदुस्तान का सबसे खुबसूरत शहर है। भोपाल पर भगवान की, कुदरत की काफी कृपा है। खुबसूरत तालाब है, ग्रीनरी है। इसका व्यवस्थित रूप से विकास होना चाहिए।

सवाल- आपने महापौर पद पर आने के बाद इसके विकास में क्या किया?
जवाब- मैं महापौर के रूप में जब चूनकर आया। मैने कार्ययोजना बनाकर इसपर काम शुरू किया। सबसे पहले भोपाल सुव्यवस्थित विकास करना है तो 2005 का जो मास्टर प्लान है उसका इम्लीमेंट करना जरूरी है। शहर के प्रथम सेवक के नाते मुझे जो लगता है, शहर बढ़ता जा रहा है। 418 वर्गकिमी तक फैल गया है।

सवाल- भोपाल की जरूरतों पर आप क्या कहेंगे?
जवाब- भोपाल की सबसे ज्यादा आवश्यता है फ्लाईओवर की। ग्रेड सेपरेटर की। हमको काम करना है। भोपाल शहर में अधिकांश जगह पर गुमटियां लग गई है। इसपर भी नगर निगम कार्ययोजना बनाकर काम कर रहा है। फुटपाथ-कॉरीडोर जनता के चलने के लिए होते हैं, गुमटी लगाने के लिए नहीं होते। इसके लिए हमने हॉकर्स नीति भी बनाई है।

सवाल- कैसे लागू कर रहे हॉकर्स नीति?
जवाब- भोपाल के 85 वार्डों में हॉकर्स कॉर्नर विकसित किए जा रहे हैं। मैं समझता हूं, कतिपय राजनीतिक दलों से जुड़े नेता कहीं न कहीं गुमठी वालों को संरक्षण देते हैं, इससे काम करने में, विकास करने में कठिनाई आती है। इसे मैं स्वीकार करता हूं। इसमें कार्ययोजना बनाकर काम करने की आवश्यता है। भोपाल शहर में विकास करना चाहते हैं, इसे खुबसूरत बनाना चाहते हैं। इसे हम गुमठियों का शहर नहीं बनने देंगे। उसके लिए मैं बड़ी लड़ाई लडऩे की तैयारी कर रहा हूं। शहर के चौराहों-तिराहों पर जो ठेले खड़े हो जाते हैं हॉकर्स नीति में इन्हें स्थान दिया जाएगा। हम फूड जोन बना रहे हैं, मैं समझता हूं कि इससे शहर का सुव्यवस्थित रूप से विकास होगा।

सवाल- शहर के विकास में सबसे बड़ी बाधाएं कौन सी है?
जवाब- शहर के विकास में अलग-अलग डेवलपमेंट अथॉरिटी है। भोपाल विकास प्राधिकरण है। राजधानी परियोजना है। नेशनल हाइवे हैं। पीडल्ब्यूडी है। नगर निगम है। इन सबमें समन्वय की कमी है। जो समय सीमा में विकास होना चाहिए, वो नहीं हो पा रहा है। इसके लिए मैंने मुख्यमंत्री को निवेदन किया है कि भोपाल में जितनी भी डेवलपमेंट अथॉरिटी है, इनकी जितनी भी सड़कें है, उनके लिए सड़क विकास प्राधिकरण का गठन कर दिया जाए। बजट के साथ अधिकारी-कर्मचारी से उसे अपडेट करना चाहिए। इससे शहर की गली-मोहल्ले की सड़कों की खुदाई और निर्माण एक ही एजेंसी के पास होगा।

सवाल- आपने शहर के लिए कौन सी योजनाएं शुरू की?
जवाब- मैं समझता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद काफी विकास के काम हो रहे हैं। अमृत योजना के माध्यम से प्राक्कलन तैयार किया है। हाउसिंग फॉर ऑल योजना के तहत भोपाल में झुग्गी में रहने वालों को हाईराईज बिल्डिंग बनाकर देने वाले हैं। इनमें लिफ्ट का भी प्रावधान कर रहे हैं। पहले के मकानों में खेल मैदान-पार्क नहीं होते थे, दुकानें नहीं होती थी, इसबार इन सारी जरूरतों का भी ध्यान रखा है। हमारा राजाभोज सेतू बनकर तैयार हुआ है। पुराने भोपाल को नए शहर से जोड़ा है। हबीबगंज से मिसरोद की और जाम से लोगों को बचाने वीर सावरकर सेतू का निर्माण कराया है। ये विकास के काम मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान जी की दृढ इच्छाशक्ति की वजह से हुए हैं। उन्होंने बजट दिया, जिससे शहर का चौमुखी विकास हो पाया। तीसरा सबसे बड़ा विकास कार्य लालघाटी से एयरपोर्ट की और जाता था तो जाम लगता था। लालघाटी का बड़ा फ्लाई ओवर बन रहा है।

सवाल- लोगों से आपकी क्या अपेक्षाएं है?
जवाब- लोग काफी सहयोग कर रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण में काफी अच्छा फीडबैक दिया है शहर की जनता ने। इससे ही हम भोपाल के सर्वेक्षण 2018 में नंबर एक पर आने की उम्मीद कर रहे हैं। जनता से यही अपील है कि ये सफाई व्यवस्था एक दिन की नहीं है। स्वच्छ दिनचर्या से नगर निगम को भी और शहर के नागरिकों को इससे जुडऩा पड़ेगा। कोई सार्वजनिक स्थान पर कचरा फैलाता है, कचरा फेंकता है तो उसे रोको टोको अभियान का नागरिक को हिस्सा बनना चाहिए। उसे रोकना चाहिए। तभी हम भोपाल को स्वच्छ भोपाल, सुंदर भोपाल और विकसित भोपाल बनाएंगे।

सवाल- भोपाल अब किस तरह स्मार्ट बन रहा है?
जवाब-हमारा भोपाल अब स्मार्टसिटी की और बढ़ रहा है। स्मार्टसिटी में शहर के लिए काफी प्रोजेक्ट आए हैं। बहुत जल्दी आकार लेने वाले है। एक माह में पोलीटेक्निक से डिपो चौराहा तक स्मार्टरोड हम जनता के सुपूर्द कर देंगे। पुराने भोपाल और नए भोपाल को जोडऩे वाले रानी कमलापति आर्चब्रिज भी अंतिम चरणों में है। दो से तीन माह में इसका काम भी पूरा हो जाएगा। भोपाल की जनता को ये बड़ी सौगात होगी।

सवाल- आप अपने अब तक किए काम से कितने संतुष्ट है?
जवाब- देखिए, मैं पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हूं। लेकिन पिछली जितनी भी परिषद रहीं हैं, उनमें से हमारी परिषद सबसे बेहतर रही है।