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नेचर के करीब रहने फोटोग्राफी सीखी, देशभर में यात्रा की, आज हजारों फोटो का कलेक्शन

नेचर फोटोग्राफी डे: प्रकृति से इतना प्रेम है कि हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं ये वर्किंग प्रोफेशनल्स

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भोपाल। प्रकृति का बदलता हर स्वरूप हमें लुभाता है। शहर के कुछ ऐसे नेचर लवर्स हैं जिन्हें प्रकृति से इतना प्रेम है कि वे हर चुनौती का सामना करते हुए इसे कैमरे की मदद से अपनी यादों में संजोते हैं। नेचर फोटोग्राफी डे के मौके पर पत्रिका प्लस शहर के ऐसे वर्किंग प्रोफेशनल्स से रू-ब-रू करवा रहा है जिन्होंने शौकिया तौर पर नेचर फोटोग्राफी शुरू की। फिर प्रकृति की खूबसूरती से ऐसे बंधे कि दुनिया के कोने-कोने में जाकर इसे कैमरे में कैद कर रहे हैं। ये ऑफिस जाएं या अस्पताल, कैमरा गाड़ी की फ्रंट सीट पर होता है।

हिमालय रेंज की फोटोग्राफी पसंद
बिजनेसमैन अमन ओबेरॉय ने बताया कि मुझे हेरिटेज, नेचर और लैंडस्केप फोटोग्राफी पसंद है। पहले मैं जहां भी जाता था तो अपने मोबाइल से फोटो क्लिक करता था। अब मैं अपना डीएसएमआर कैमरा हमेशा साथ रखता हूं। मैं मप्र और हिमालय रेंज के नेशनल पार्क में जाकर फोटोग्राफी करना पसंद करता हूं।

फोटो एग्जीबिशन भी लग चुकी है
डॉ. अनिल भाटी ने बताया कि मैं एलएन मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर हूं। मुझे ट्रेवलिंग का बहुत शौक हूं। पांच साल पहले मैंने नेचर फोटोग्राफी शुरू की, अब इससे ऐसा लगाव हो गया है कि नेचर फोटोग्राफी के लिए देश-दुनिया की यात्राएं करता हूं। नेशनल ज्योग्राफी चैनल भी मेरे क्लिक किए फोटो शोकेस कर चुका है। मैं लेह-लद्दाख, उत्तराखंड, सिक्कीम से लेकर सिंगापुर, बाली, दुबई और ईजिप्ट तक नेचर फोटोग्राफी कर चुका हूं।

बर्ड फोटोग्राफी सबसे कठिन
बिजनेसमैन अरुण त्यागी ने बताया कि मैं करीब 10 साल से फोटोग्राफी कर रहा हूं। बिजनेस से समय निकालकर हर सप्ताह शहर के आसपास फोटोग्राफी के लिए जाता हूं। मुझे पक्षियों के फोटो लेना अच्छा लगता है, ये एक टफ टास्क भी होता है क्योंकि आप कैमरा सेट करने का इंतजार नहीं कर सकते हैं।

मॉर्निंग वॉक पर भी साथ होता है कैमरा
जनरल फिजिशियन डॉ. हरेन्द्र सोढ़ी ने बताया कि मैं करीब 20 सालों से नेचर फोटोग्राफी कर रहा हूं। मैं रोज सुबह साइकिलिंग करने जाता हूं तब भी कैमरा साथ ही रखता हूं। मुझे प्रकृति के हर पल में खूबसूरती नजर आती है। मैं उसके बदलते स्वरूप को कैमरे की नजर से ही देखने की कोशिश करता हूं। मुझे नेचर फोटोग्राफी से ऐसा प्रेम है कि अस्पताल जाते समय भी कैमरा हमेशा गाड़ी में ही होता है। मुझे पहाड़-जंगल और नेशनल पार्क में जाकर फोटोग्राफी करना पसंद है। जब तक आपको प्रकृति से प्यार नहीं होगा, नेचर फोटोग्राफी नहीं कर पाएंगे।