18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

साल में सिर्फ 27 दिन चली विधानसभा फिर भी सदन से गायब रहे माननीय

साल में सिर्फ 27 दिन चली विधानसभा फिर भी सदन से गायब रहे माननीय

2 min read
Google source verification
madhyapradesh-mahamukabla-2018

madhyapradesh-mahamukabla-2018

भोपाल। जनता ने विधायक चुनकर विधानसभा इसलिए भेजे थे कि वे सदन में उनकी आवाज उठाएंगे। उनकी सहूलियत के लिए कानून बनाएंगे। लेकिन माननीय विधानसभा की बैठकों से ही किनारा करते रहे। औसतन हर साल विधानसभा की 27 बैठकें हुईं, इनमें 9 विधायक ऐसे थे जिनकी हाजिरी 50 प्रतिशत से कम और 38 से अधिक विधायकों की उपस्थिति 75 फीसदी से नीचे रही। इनमें भाजपा के 29 और कांग्रेस के 16 विधायक शामिल हैं। यह खुलासा नेशनल इलेक्शन वाच की एसोसिएट्स फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की रिपोर्ट से हुआ है।

मंगलवार को पत्रकार वार्ता में एडीआर की ओर से जारी रिपोर्ट बताती है कि लोकतंत्र का मंदिर कहे जाने वाले विधानसभा में सत्र और सदन में चर्चा की जगह कम होती जा रही है। 2013 से 2018 के बीच विधानसभा के 17 सत्र बुलाए गए और बैठकों के लिए 187 दिन के शिड्यूल जारी हुए। लेकिन 50 दिन की कटौती कर 27 फीसदी सत्र छोटा कर दिया गया। दिलचस्प बात यह है कि 2009 से 2013 में 167 दिन विधानसभा चली। मौजूदा कार्यकाल में यह घटकर 137 दिन हो गई।

सत्ता और विपक्ष का एक जैसा रवैया

विधानसभा सत्र के दौरान सदन से गैरहाजिरी का सत्ता और विपक्ष के विधायकों का रवैया एक जैसा है। दोनों ही दलों के विधायक बैठकों में हिस्सा लेने और चर्चा से अरुचि दिखाते रहे हैं। 57 प्रतिशत विधायकों की ही उपस्थिति 75 प्रतिशत से अधिक थी। यह आलम तब है जब सत्र के दौरान विधायकों को विशेष भत्ता के साथ वाहन और आवास सहित अन्य सुविधाएं मिलती हैं।

मंत्रियों को हाजिरी से छूट

एडीआर के अरुण गुर्टू, राकेश दीवान, रोली शिवहरे, रघुराज सिंह, सीके नायडू ने रिपोर्ट जारी करते हुए बताया कि मंत्रियों और नेता प्रतिपक्ष को हाजिरी से छूट मिली हुई है। उनके हाजिरी रजिस्टर में हस्ताक्षर करने की बाध्यता नहीं होने के कारण यह पता नहीं चल पाता कि उनकी उपस्थिति की स्थिति क्या है। उन्होंने बताया कि संसद में सांसदों की उपस्थिति पर निगरानी के लिए एक समिति बनाई गई है, लेकिन विधानसभा में नहीं होने से सदन में 60 दिन की हाजिरी की अनिवार्यता के नियम का पालन नहीं हो पा रहा है। कम उपस्थिति पर विधायकों के खिलाफ कार्रवाई भी नहीं होती है।

उपस्थिति में टॉप 5 विधायक

ममता मीना भाजपा 135 दिन

शैलेन्द्र पटेल कांग्रेस 135 दिन

आरिफ अकील कांग्रेस 134 दिन

कालू सिंह ठाकुर भाजपा 134 दिन

वीर सिंह पवार भाजपा 134 दिन

सबसे कम उपस्थिति वाले 5 विधायक

कमलेश शाह कांग्रेस 20 दिन

रमेश पटेल कांग्रेस 41 दिन

नागर सिंह चौहान भाजपा 42 दिन

मालिनी गौड़ भाजपा 53 दिन

उमंग सिंघार कांग्रेस 56 दिन