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सोलर लाइट से रोशनी तो सूर्य नूतन से पक रहा खाना, रोजगार भी मिला

सोलर एनर्जी का उपयोग कर लोग बचा रहे हैं बिजली

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भोपाल. ग्रीन एनर्जी अब शहर के आम परिवारों के जीवन का हिस्सा बनती जा रही है। भोपाल में ही ग्रीन एनर्जी उत्पादन कुल खपत का दस फीसदी तक हो गई है। इलेक्ट्रिक बाइक से ग्रीन व्हीकल तो प्रचलित हो ही रहा है, छतों पर रोशनी के लिए शहर में लोग अब सोलर लाइट का उपयोग करने लगे हैं। केंद्र सरकार के इनीशिएटिव सूर्य नूतन सोलर चूल्हा अब ऑयल कंपनियों के माध्यम से लोगों के किचन का खर्च कम करने के लिए तैयार है। यही नहीं घरों में सोलर वाली इमरजेंसी लाइट्स का भी इस्तेमाल बढ़ रहा है। इनसे सोलर के क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार भी पैदा हो रहे हैं।

120 से अधिक कंपनियां सोलर पैनल क्षेत्र में: भोपाल में ग्रीन एनर्जी रोजगार का बड़ा स्त्रोत बनकर उभरा है। यहां इस समय 120 के करीब कंपनियां है जो घरों पर सोलर पैनल लगाने का काम करती है। 90 फीसदी कंपनियों को युवा पेशेवर संचालित कर रहे हैं।

दो साल में दोगुना हुआ ग्रीन एनर्जी उपकरणों का कारोबार

ग्रीन एनर्जी कारोबार में लगे सुयश श्रीवास्तव का कहना है कि दो साल पहले तक ग्रीन एनर्जी प्रोडक्ट सप्ताह में दो या तीन ही बिक पाते थे, अब लगभग रोजाना एक या दो बिक रहे हैं। कारोबार दोगुने से ज्यादा हो गया है। सबसे ज्यादा मांग टॉर्च के साथ छत पर लगने वाले सोलर लाइट्स की है। दिन भर सूर्य की रोशनी से चार्ज लाइट रात को खुद ही रोशन होकर अंधेरा दूर कर देती है।

शहर के बड़े संस्थानों की छतों पर सोलर पैनल लगाना चाहिए। पहाड़ी क्षेत्र को सोलर पैनल से ढंककर ऊर्जा का केंद्र बनाया जा सकता है। शहर के तालाबों को फ्लोटिंग सोलर प्लांट से ऊर्जा का क्षेत्र बना सकते हैं। एक बार स्थापित पैनल 25 साल तक काम करता है। सरकारी स्तर से आगे बढक़र इसमें निजी भागीदारी के साथ लोगों के पास पहुंचा जाए तो बेहतर होगा।

संयम इंदुरख्या, एक्सपर्ट, सोलर प्रोजेक्ट्स

फैक्ट फाइल

● 23 लाख की आबादी शहर में

● 05 लाख घर हैं

● 01 लाख घर की छत 2000 वर्गफीट से ज्यादा बढ़ी

● 10 फीसदी ग्रीन एनर्जी कुल खपत का उत्पादित हो रहा

● 25 फीसदी तक ग्रीन एनर्जी उत्पादन का स्मार्टसिटी का लक्ष्य है

● 35 मेगावाट के प्लांट नगर निगम तैयार करवा रहा है

● 02 मेगावाट बिजली दो साल में शहर की छतों से बनेगी

● 70 लाख यूनिट रोजाना बिजली खपत है शहर में

● 5000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन है शहर में