
lockdown effect on sarafa market patrika pathfinder video conferencing
भोपाल। लॉकडाउन के चलते अन्य व्यवसायों की तरह ही सराफा कारोबार भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। ऐसे समय में जबकि शादी-विवाह का सीजन है लेकिन कोरोना वायरस के कारण बाजार बंद है। सराफा व्यवसाय के लिए ये सबसे महत्वपूर्ण दिन माने जाते हैं। इन दो-तीन महीनों में कारोबार औसत से 30 से 40 फीसदी अधिक होता है। ऐसी स्थिति में सराफा कारोबारियों की मांग है कि अगले साल से लागू होने जा रहे हॉलमार्किंग नियमों को अगले पांच साल के लिए आगे बढ़ा दिया जाए साथ ही जीएसटी में भी राहत मिलना चाहिए। संभवत: पहली बार इतना लंबा बाजार बंद होने से सराफा कारोबार पर क्या असर हो रहा है और इस व्यवसाय से जुड़े लोगों की और किस प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर 'पत्रिका' ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सराफा व्यवसायियों से बात की।
हॉलमार्किंग की अवधि बढ़ाई जाए
कारोबारियों का कहना है कि सरकार आभूषणों पर अगले साल से हॉलमार्किंग नियम अनिवार्य रूप से लागू करने जा रही है। इसकी समय सीमा को अगले पांच साल बाद किया जाए। उनका कहना है कि इस व्यवसाय में 75 प्रतिशत कारोबारी छोटे एवं कम पूंजी में काम करते हैं। यदि हॉलमार्किंग नियम लागू होता है तो छोटे कारोबारी काम नहीं कर पाएंगे। उनका कहना है कि लॉकडाउन के चलते कर्मचारियों के वेतन से लेकर बैंक की किस्त, दुकान, बिजली का किराया जैसे खर्चे लगे हुए हैं। इसलिए सरकार को कुछ राहत की घोषणा करना चाहिए। इसी तरह बैंकों को भी ब्याज में राहत देना चाहिए। ईएसआई में राहत देकर भी सराफा कारोबारियों की मदद की जा सकती है।
4 माह लगेंगे बाजार को उबरने में
सराफा व्यवसायियों का कहना है कि शादी-विवाह के सीजन पर एकाएक बाजार बंद होने से भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। उधारी काफी चढ़ चुकी है। ऑर्डर कैंसिल हो चुके हैं। ऐसे में इस बाजार को उबरने में करीब 4 महीने का समय लग जाएगा। अगला दिवाली सीजन पर ही कुछ उम्मीद की जा सकेगी। व्यापारियों का कहना है कि सराफा व्यवसाय पूरी तरह से विश्वास पर चलता है। कई लोगों के जेवर बनवाई के ऑर्डर पड़े हुए हैं तो कई लोगों ने ज्वैलरी, बुलियन के ऑर्डर दे रखे हैं। लॉकडाउन खुलते ही ये काम सबसे पहले करने की जिम्मेदारी उठाना पड़ेगा।
50 फीसदी जेवर बाहर से लाए जाते हैं
इस समय ट्रांसपोर्ट भी बंद है। इस व्यवसाय में हमेशा व्यापारियों को ट्रेवलिंग करना पड़ता है। 50 प्रतिशत जेवर लोकल में तैयार होता है, जबकि 50 प्रतिशत जेवर बाहर से लाना पड़ता है। लॉकडाउन के चलते लोकल में तैयार होने वाले जेवर भी तैयार नहीं हो रहे हैं। बाहर से लाने वाले जेवर भी यहां नहीं लाए जा रहे हैं। दुकान पर काम करने वाले कर्मचारियों से लेकर जेवर बनाने वाले कारीगरों का काम भी बंद हो गया है। जो कारीगर बाहर के थे, वे भी चले गए हैं।
इम्पोर्ट ड्यूटी घटाए सरकार
अभी सोना-चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी 12.5 प्रतिशत लग रही है। कारोबारियों की मांग है कि इसे सरकार चरणबद्ध तरीके से कम करके 6 प्रतिशत पर ले आए। इससे सोना-चांदी के भाव कम होंगे और ग्राहकों को इसका फायदा मिलेगा।
क्या कहते हैं सराफा कारोबारी
सरकार कैश फ्लो बढ़ाए। इस समय बाजार में पैसा डालने की जरूरत है। इसके लिए किसानों को उनकी उपज की नकद भुगतान की व्यवस्था होना चाहिए। बाजार में किसानों के माध्यम से ही पैसा आएगा।
-नवनीत अग्रवाल, सराफा कारोबारी
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लॉकडाउन की वजह से बाजार पूरी तरह से टूट गया है। लॉकडाउन खुलने के बाद भी अगले 6 माह तक परेशानी होने वाली है। सराफा कारोबार के साथ ग्राहकों को भी परेशानी होगी।
-योगेश सोनी, सराफा कारोबारी
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हमारी कुछ मांगे हैं, जिन पर सरकार को विचार करना चाहिए। बाजार बैठ गया है। इस समय ग्राहकी का समय है लेकिन लॉकडाउन के चलते बाजार बंद है। खर्चे लगे हुए हैं। आगे की स्थिति विकट दिखाई दे रही है। सरकार को हॉलमार्क की अवधि बढ़ाकर 5 साल बाद की करनी चाहिए।
-अजय अग्रवाल, सराफा कारोबारी
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सराफा कारोबार इस समय बुरे दौर में है। दुकानें बंद होने से न तो ग्राहकों की सेवा कर पा रहे हैं और न ही बाहर से माल मंगवा रहे हैं। लॉकडाउन खुलने तक शादियों का सीजन निकल जाएगा। हमारे साथ कर्मचारियों का भी परिवार जुड़ा हुआ है। साथ ही खर्चे लगे हुए है।
-ऋषिकांत अग्रवाल, सराफा कारोबारी
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सोना-चांदी व्यवसाय पर कोरोना का बहुत ज्यादा असर देखा जा रहा है। लंबे समय से दुकानें बंद की हुई है। ऑर्डर वालों को माल नहीं दे पाए और जिनके ऑर्डर दिए है, वो माल भी नहीं आ पाया। लॉकडाउन खुलने के बाद भी बाजार को संभलने में लंबा समय लगेगा।
-पंकज सोनी, सराफा कारोबारी
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लॉकडाउन का सराफा बाजार पर भी असर आया है। गर्मी के दिनों में वैवाहिक कार्यक्रम ज्यादा होते हैं। हमारे लिए यही ग्राहकी का समय होता है। पूरा सीजन ही जा रहा है। आगे की स्थिति कैसी होगी कुछ कहा नहीं जा सकता।
-वैभव गोयल, सराफा कारोबारी
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Published on:
18 Apr 2020 04:30 am
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