
PM Narendra Modi
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर शुक्रवार को मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं। इस बार वे सीधी और जबलपुर में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। हालांकि मोदी की इटारसी सभा को लेकर संशय की स्थिति बनी रही, लेकिन अब तय हो गया है कि वे 1 मई को इटारसी दौरे पर आएंगे। वे इटारसी में सभा के जरिए होशंगाबाद-नरसिंहपुर लोकसभा सीट और बैतूल लोकसभा सीट पर प्रचार करेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भौगोलिक दृष्टि से यह क्षेत्र अहम है, इससे वे कई सीटों पर प्रभाव बना सकते हैं। इस स्थान पर चारों तरफ से काफी भीड़ जुटाई जा सकती है। वहीं इस स्थान से आसपास के अंचल के साथ ही कमलनाथ के गढ़ तक प्रभाव बनाया जा सकता है। इसलिए भी मोदी का यह दौरा काफी अहम हो सकता है।
इटारसी में रैली के जरिए सीधे तौर पर दो लोकसभा क्षेत्रों को प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि दोनों ही सीटो पर फिलहाल भाजपा काबिज है। लेकिन, कुछ अंदुरुनी खींचतान के कारण यह सीटे भाजपा की झोली से खिसक सकती है।यह दोनों ही सीटें है होशंगाबाद-नरसिंहपुर और बैतूल। 6 मई को होने वाले इन सीटों पर मतदान के पहले मोदी की रैली 1 मई को हो सकती है। इससे पहले मोदी की सभा 15 फरवरी को होने वाली थी, लेकिन पुलवामा अटैक के कारण यह रैली निरस्त कर दी गई थी। इस रैली का इटारसी में आयोजन करने के पीछे बताया जाता है कि नर्मदा बेल्ट की कई सीटों पर भाजपा का कब्जा है, जिसे बरकरार रखने के लिए यह रैली की जाएगी। वहीं बैतूल से लगे छिंदवाड़ा में कमलनाथ के गढ़ में भी सेंध लगाई जा सके।
इस दिन आएंगे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा 1 मई को इटारसी के रेलवे मैदान पर होगी। नर्मदापुरम की दो सीटें भाजपा के लिए काफी अहम हैं। 15 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी की इटारसी सभा पुलवामा अटैक के कारण रद्द कर दी गई थी। अब इटारसी में लोकसभा चुनाव के मतदान के पांच दिन पहले मोदी की सभा होगी। प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी दौरे की पुष्टि भाजपा नेताओं ने की है। भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष नीरज जैन ने मीडिया को बताया कि बुधवार शाम को संभागीय संगठन मंत्री श्याम महाजन ने इटारसी में मोदी की सभा एक मई को होने की जानकारी दी है। सभास्थल 12 बंगला क्षेत्र के रेलवे मैदान होगा।
होशंगाबाद-नरसिहपुर पर एक नजर
-यहां हमेशा मुकाबला कांटे का रहा है।
-15 चुनावों में 7 बार कांग्रेस और 6 बार भाजपा जीती।
-एक बार प्रजा सोशलिस्ट पार्टी 1962 में जीती थी।
-इसके अलावा भारतीय लोकदल 1977 में जीत चुकी है।
-1951 में पहली बार सैयद अहमद कांग्रेस से जीते थे।
-1957 में मगनलाल राधाकिशन कांग्रेस से जीते थे।
-1962 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से एचवी कामथ जीते।
-1967 में कांग्रेस के सीएनसी दौलत सिंह जीते थे।
-1971 में कांग्रेस के चौधरी नीतिराज सिंह कांग्रेस ने जीत दर्ज की।
-1977 में लोकसेवा दल के प्रत्याशी एचवी कामथ सांसद बने।
-1980 में रामेश्वर नीखरा कांग्रेस की टिकट पर सांसद बने।
-1984 में रामेश्वर नीखरा को जनता ने चुना।
-1991 में भाजपा के सरताजसिंह जीते थे।
-1996, 1998 में भी सरताज सिंह जीते थे।
-1999 में भाजपा के सुंदरलाल पटवा जीते थे।
-2004 में भाजपा के सरताज सिंह चौथी बार जीते।
-2009, 2014 में भाजपा के उदय प्रताप सिंह सांसद बने।
यह हैं मैदान में
भारतीय जनता पार्टी के उदय प्रताप सिंह को, बहुजन समाज पार्टी के एमपी चौधरी, इंडियन नेशनल कांग्रेस के दीवान शैलेंद्र सिंह, अम्बेडकराईट पार्टी ऑफ इंडिया के दिनेश कटारे, सपाक्स पार्टी के पं. देवेन्द्र शर्मा, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के भवानी शंकर सैनी (मोनू सैनी), गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राजेश कुमार उईके, निर्दलीय आर्य रवि परिहार, दीवान शैलेन्द्र, मदन मोहन, शालिगराम मकोड़िया मैदान में हैं।
8 विधानसभा सीटें हैं
होशंगाबाद लोकसभा सीट के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें आती हैं, जिसमें नरसिंहपुर, सिवनी-मालवा, पिपरिया, तेंदूखेड़ा, होशंगाबाद, उदयपुरा, गाडरवारा और सोहागपुर विधानसभा सीटें शामिल हैं। इनमें से 4 विधानसभा सीटों पर बीजेपी और 4 पर कांग्रेस का कब्जा है।
बैतूल लोकसभा सीट
-बैतूल लोकसभा सीट के 1951 में हुए पहले चुनाव में कांग्रेस जीती थी।
-1957, 1962, 1967 और 1971 के चुनाव में भी यह सीट कांग्रेस ने जीती।
-1977 के चुनाव में पहली बार भारतीय लोकदल को जीत मिली।
-1980 में कांग्रेस ने यहां पर वापसी की और गुफराने आजम सांसद बने।
-1984 में भी कांग्रेस ही जीती।
-भाजपा ने पहली जीत 1989 में दर्ज की।
-भाजपा के आरिफ बेग ने कांग्रेस के असलम शेर खान को हराया था।
-1991 में असलम ने भाजपा के आरिफ बेग को मात दी।
-1996 में भाजपा ने यहां पर फिर वापसी की और विजय खंडेलवाल जीते।
-विजय खंडेलवाल ने 1996, 1998, 1999 और 2004 के चुनाव में जीत दर्ज की।
-विजय के निधन के बाद 2008 में यहां पर उप चुनाव हुआ। उपचुनाव में उनके बेटे हेमंत खंडेलवाल जीते।
-परिसीमन के बाद 2009 में यह सीट अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित हो गई।
-2009 में बीजेपी की ज्योति धुर्वे जीतीं। 2014 भी जीता लिया।
नर्मदा बेल्ट के कई क्षेत्र होंगे प्रभावित
बुदनी, खातेगांव, हरदा, हरसूद, भोजपुर, होशंगाबाद, सिवनीमालवा, घोड़ाडोंगरी, टिमरनी, बैतूल, भैंसदेही, सिलवानी, उदयपुरा, तेंदूखेड़ा, गाडरवाड़ा, पिपरिया, सोहागपुर, आमला और मुलताई इस सभा से प्रभावित होंगे। भौगोलित दृष्टि से यहां भीड़ जुटाना भी आसान होगा, क्योंकि बैतूल-छिंदवाड़ा बेल्ट से लगे होने के कारण इस क्षेत्र को चुनने के पीछे कमलनाथ के गढ़ में सेंध लगाना भी बता रहे हैं।
Updated on:
25 Apr 2019 06:33 pm
Published on:
26 Apr 2019 10:00 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
