
बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला
Lok Sabha election 2024 - Chhindwara Nakulnath Vivek Bunty Sahu News लोकसभा चुनावों में एमपी की छिंदवाड़ा सीट पर सभी की नजर है। प्रदेश की इस सबसे हाईप्रोफाइल सीट पर पिछली बार कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ जीते थे। यही एकमात्र सीट थी जहां कांग्रेस कब्जा कर पाई थी। सांसद नकुलनाथ इस बार भी चुनाव मैदान में हैं और उनके सामने भाजपा के विवेक बंटी साहू की चुनौती है।
एमपी में शनिवार को नाम वापसी के अंतिम दिन यहां से चुनावी मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई। यहां से पूरे दस उम्मीदवार चुनावी संघर्ष से पीछे हट गए हैं। यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। हालांकि इन दोनों के अलावा कई अन्य दलों के प्रत्याशी और निर्दलीय अभी चुनावी मैदान में डटे हैं।
छिंदवाड़ा में लोकसभा चुनाव Lok Sabha chunav 2024 के लिए 24 उम्मीदवारों ने 31 नामांकन दाखिल किए थे। इनमें से निर्दलीय संजय पांडे और अखिल भारतीय गोंडवाना पार्टी के पवन शाह सरियाम के नामांकन निरस्त कर दिए गए। इसके साथ ही 8 निर्दलीय उम्मीदवार भी पीछे हट गए। हरेंद्र बंटी गौहर, श्याम शिवहरे, अब्दुल जाहिद मंसूरी, झमकलाल सरियाम, अरविन्द यादव, गजानन मकड़े, विजय किशन प्रताप बहादुर और विनोद पाठक गुरुजी ने खुद नाम वापस लेकर चुनावी मैदान छोड़ दिया है।
बता दें कि मध्यप्रदेश की 29 में से 6 लोकसभा सीटों पर पहले चरण में मतदान होना है। इसके लिए नामांकन पत्र 27 मार्च तक जमा हुए। नामांकन पत्रों की जांच गुरुवार को हुई और 30 मार्च तक नाम वापसी का समय था। यहां 19 अप्रेल को वोटिंग होगी।
छिंदवाड़ा में बीजेपी (BJP) प्रत्याशी ने दिखाया दम
नकुलनाथ को शिकस्त देकर कमलनाथ के किले को भेदने के लिए बीजेपी ने विवेक बंटी साहू को लोकसभा के लिए चुनाव मैदान में उतारा है। बीजेपी प्रत्याशी विवेक बंटी साहू ने नामांकन के वक्त दम दिखाया। वे सीएम डॉ मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मंत्री प्रह्लाद पटेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे थे और अपना नामांकन दाखिल किया।
नामांकन रैली में पहुंचे प्रदेशभर के कांग्रेसी
इससे पहले नकुलनाथ (Nakul Nath) के नामांकन के वक्त भी छिंदवाड़ा में प्रदेशभर के वरिष्ठ कांग्रेस (Congress) नेता मौजूद रहे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार उनके पक्ष में नामांकन रैली में शामिल हुए थे।
दोनों के अपने अपने दावे
नाम वापसी के बाद भी छिंदवाड़ा में 16 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं हालांकि बीजेपी और कांग्रेस में ही सीधा संघर्ष है। छिंदवाड़ा कांग्रेस और कमलनाथ का गढ़ है। यहां 1977 में भी कांग्रेस जीती थी। कमलनाथ अपने बेटे को चुनाव जिताने के लिए इस बार भावुक अपील कर रहे हैं। इधर गढ़ को भेजने के लिए बीजेपी ने कई कांग्रेसियों को तोड़ा है। अमरवाड़ा के विधायक बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। कमलनाथ के खास पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना के छोटे बेटे अजय सक्सेना भी बीजेपी प्रत्याशी के नामांकन में मौजूद थे। दोनों दलों के नेता अपनी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।
Published on:
30 Mar 2024 06:05 pm
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