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रिश्वत लेते रंगे हाथ धराया निगम कर्मी, सबूत के तौर पर पेंट भी उतारकर ले गई लोकायुक्त टीम

लोकायुक्त टीम ने महिला की शिकायत और फोन रिकॉर्ड के आधार पर निगम कार्यालय में छापा मारा और शमीमुद्दीन को दो हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया।
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भोपाल

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 30 Jan 2020, 6:49 PM IST

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रिश्वत लेते रंगे हाथ धराया निगम कर्मी, सबूत के तौर पर पेंट भी उतारकर ले गई लोकायुक्त टीम

भोपाल/ मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल की लोकायुक्त पुलिस रिश्वत खोरी के आरोपी पर अनोखी कार्रवाई की है। आरोपी कर्मचारी पर रिश्वत लेने की पुष्टी होने के बाद लोकायुक्त टीम ने बाबू की पैंट तक उतरवा ली। दरअसल, आरोपी बाबू एक विधवा से नगर निगम का काम करने के बदले घूस की मांग कर रहा था। परेशान महिला ने इसकी शिकायत लोकायुक्त से की। जिसके बाद लोकायुक्त ने आरोपी के खिलाफ जाल बिछाना शुरु कर दिया। पहले आरोपी से हुई महिला की बातचीत को साक्ष्य माना गया। इसके बाद जैसे ही आरोपी ने महिला के बेटे से रिश्वत ली, तो पुलिस ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

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निगम कर्मी के परिवार से ही रिश्वत मांग रहा था आरोपी

नगर निगम के एक कर्मचारी स्वर्गीय शेख मोहम्मद की पत्नी ने भोपाल लोकायुक्त से शिकायत करते हुए बताया कि, माता मंदिर स्थित नगर निगम कार्यालय में कार्यरत लेखा लिपिक शमीमुद्दीन उनके मरहूम पति के एरियर के बचे हुए डेढ़ लाख रुपए निकलवाने के एवज में तीन हजार रुपए रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत में महिला ने ये भी कहा कि, आरोपी शमीमुद्दीन इससे पहले उनसे एक हजार रुपए रिश्वत भी चुका है, लेकिन काम करने के बजाय एक बार फिर से दो हजार रुपए मांग रहा है। इस दौरान महिला ने आरोपी से रिश्वत के लेन-देन के संबंध में हुई बातचीत का फोन रिकॉर्ड भी पुलिस को दिखाया। लोकायुक्त टीम ने महिला की शिकायत और फोन रिकॉर्ड के आधार पर निगम कार्यालय में छापा मारा और शमीमुद्दीन को दो हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया।

लोकायुक्त ने उतरवाई आरोपी पैंट

लोकायुक्त टीआई मनोज पटवा के मुताबिक, लोकायुक्त टीम द्वारा बनाई रणनीति के अनुसार, दिवंगत शेख मोहम्मद के बेटे शेख रिजवान को रिश्वत के बाकी दो हजार रुपए लेकर नगर निगम दफ्तर पहुंचाया गया, जहां लेखा लिपिक शमीमुद्दीन उसी के केबिन में बैठा था। थोड़ी देर बातचीत के बाद रिजवान ने आरोपी को रिश्वत की रकम दी, तो आरोपी ने उन पैसों को तुरंत अपनी पैंट की जेब में रख लिए। इधर, लोकायुक्त टीम पहले से ही मौके की तलाश में दफ्तर के बाहर बैठी थी। आरोपी के पैसे लेते ही तत्काल टीम आरोपी के केबिन में पहुंच गई।

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सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश की जाएगी पैंट

टीम ने सबसे पहले तो आरोपी पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया, जिसपर बौखलाते हुए आरोपी ने रिश्वत लेने से साफ इंकार कर दिया। इसपर टीम ने आरोपी से हाथों पर पानी डालने को कहा, जैसे ही आरोपी ने हाथ धोए, तो नोट पर लगे पाउडर की वजह से हाथ गुलाबी हो गया। इसके बाद टीम ने शमीमुद्दीन की ग्रे कलर की पैंट उतरवाई और पेंट की जेब के उस हिस्से पर पानी डाला, जहां उसने रिश्वत के दो हजार रुपए रखे थे। पानी लगते ही जेब का रंग भी गुलाबी हो गया। इसपर लोकायुक्त टीम ने बाबू की पैंट भी ये कहते हुए जब्त कर ली कि, सबूत के तौर पर पैंट को भी कोर्ट में पेश किया जाएगा।