
भोपाल। चुनावी साल में भाजपा सरकार की नजर प्रदेश की आधी आबादी यानी पिछड़ा वर्ग पर है। इसके लिए प्रदेश में छह जगहों पर पिछड़ा वर्ग महाकुंभ आयोजित किए जा रहे हैं। पहला महाकुंभ छह मई को सागर में होगा। इसका आयोजन मध्यप्रदेश सरकार कर रही है, लेकिन तैयारियों की जिम्मेदारी भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पास है। प्रदेश में 52 फीसदी ओबीसी के लोग हैं, सरकार की कोशिश इनको भाजपा के पाले में लाने की है । इस आयोजन के जरिए सरकार इस वर्ग के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देगी और हितग्राहियों को योजनाओं के पत्रक सौंपेगी। इन महाकुंभ में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खासतौर पर शामिल होंगे।
-एक लाख भीड़ का टारगेट
पिछड़ा वर्ग महाकुंभ प्रदेश के सभी छह अंचलों में होगा। बुंदेलखंड में सागर के अलावा मध्य में हरदा, मालवा में इंदौर, महाकौशल में जबलपुर, चंबल में ग्वालियर और विंध्य अंचल के शहडोल में ये महाकुंभ आयोजित किए जाएंगे। महाकुंभ में एक लाख लोगों को शािमल करने का लक्ष्य तय किया गया है। भीड़ जुटाने का जिम्मा भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ को सौंपा गया है। इसके लिए उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, दमोह, पन्ना, छतरपुर और धार में बैठकें भी आयोजित की गई हैं।
-पिछड़ा वर्ग का तीन दर्जन सीटों पर असर
वैसे तो प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के लोग पूरे प्रदेश में रहते हैं, लेकिन विधानसभा की तीन दर्जन सीटों पर इस वर्ग का सीधा असर है। इन सीटों पर ओबीसी के वोट निर्णायक होते हैं, इसलिए इन सीटों पर ओबीसी नेताओं को ही टिकट में प्राथमिकता दी जाती है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद भी ओबीसी से ही आते हैं। भोपाल में हुए किरार समाज के परिचय सम्मेलन के बाद भाजपा ने ये रणनीति तैयार की है।
इस अयोजन का मकसद समाज तक उनसे जुड़ी सरकारी योजनाओं को पहुंचाना है। पूरे प्रदेश में ओबीसी हैं इसलिए हर संभाग में पिछड़ा वर्ग महाकुंभ आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद मंडल तक कार्यक्रम किए जाएंगे।
- भगत सिंह कुशवाह प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा ओबीसी मोर्चा
सरकार का वर्जन
निश्चित रूप से जब हम इतना बड़ा सम्मेलन कर रहे हैं और योजनाएं चला रहे हैं तो पिछड़ा वर्ग के लोग आकर्षित होंगे और पार्टी का जनाधार भी बढ़ेगा। आने वाले समय में इसका फायदा भी हमको मिलेगा।
- ललिता यादव पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री
Published on:
29 Apr 2018 03:00 am
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