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जातीय समीकरण साधने के लिए सांरग और कृष्णा को बनाया मंत्री

साढ़े तीन बाद भोपाल से फिर दो विधायकों को मंत्री बनने का मौका मिला है। जातीय समीकरण साधने के लिए सांरग और कृष्णा को बनाया गया मंत्री

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भोपाल. साढ़े तीन बाद भोपाल से फिर दो विधायकों को मंत्री बनने का मौका मिला है। 2008 और 2013 की शिवराज सरकार में राजधानी से बाबूलाल गौर और उमा शंकर गुप्ता मंत्री थे। बीच में गौर के इस्तीफे के बाद विश्वास सारंग को मंत्री बने। मार्च 2020 दोबारा शिवराज सरकार बनी तो विश्वास सारंग को ही मौका दिया गया। इसके पहले कांग्रेस सरकार में पीसी शर्मा मंत्री थे।
रामेश्वर और विष्णु खत्री की दावेदारी को झटका
मंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में रामेश्वर शर्मा और विष्णु खत्री भी शामिल थे। यह दोनों नेता तीन-तीन बार के विधायक हैं। लेकिन इन्हें मोहन मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली।
पिता है रहे हैं संघ के बड़े नेता, तीसरी बार सारंग ने ली मंत्री पद की शपथ
विश्वास सारंग
विधानसभा-नरेला
उम्र-५१ वर्ष
शिक्षा-ग्रेजुएट (बीई)
अपराध दर्ज-कोई नहीं
संपत्ति-१८ करोड़
पेशा-कारोबार
अभा कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद रहे कैलाश नारायण सारंग के बेटे विश्वास सारंग ने तीसरी बार कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है। सारंग के पिता संघ और भाजपा के बड़े नेता रहे हैं। विश्वास सारंग 2007 से 2010 तक भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष, 2008 से 2014 तक लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान की सरकार में चिकित्सा शिक्षा मंत्री थे। इससे पहले के कार्यकाल में इनके पास सहकारिता विभाग में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी थी।
क्यों मिला मौका
विश्वास सारंग प्रदेश के एकमात्र कायस्थ विधायक हैं। प्रदेश के कायस्थ समाज को साधने के लिए उन्हें फिर से मौका दिया गया।

ससुर रहे हैं मुख्यमंत्री,पहली बार मंत्री बनीं कृष्णा गौर
कृष्णा गौर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )
विधानसभा- गोविंदपुरा
उम्र-५५ वर्ष
शिक्षा-पोस्ट ग्रेजुएट
अपराध दर्ज-कोई नहीं
संपत्ति-१० करोड़
पेशा-समाजसेवा
राजनीतिक कॅरियर
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की पुत्रवधू कृष्णा गौर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। २०१८ में पहली बार विधायक बनीं। अब दूसरी बार विधायक हैं। यह पहली बार मंत्री बनी हैं। कृष्णा गौर 2009 से 2014 तक भोपाल की महापौर रहीं हैं। 2005 में मप्र राज्य पर्यटन निगम की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
क्यों मिला मौका
भाजपा के ओबीसी मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। भाजपा की महिला नेताओं में बड़ा ओबीसी चेहरा हैं। भोपाल और आसपास के जिलों में अच्छा प्रभाव है।
कृष्णा गौर ने माना आभार
कृष्णा गौर ने मंत्री पद की शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व, सीएम मोहन यादव का आभार किया। उन्होंने कहा-मुझे प्रदेश की सेवा का अवसर देने के लिए धन्यवाद।