
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार वाहन चालकों पर सख्त हो गई है। सरकार के परिवहन विभाग ने अब प्रदेश में सभी यात्री गाड़ियों में जीपीएस और सीसीटीवी कैमरे लगाना जरूरी कर दिया है। इसके बगैर परमिट भी नहीं दिया जाएगा।
मध्यप्रदेश सरकार के इस फैसले से प्रदेशभर के वाहन चालकों में हड़कंप मच गया है। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश मोटयान नियम 1994 में संशोधन करने की तैयारी कर ली है। इसके तहत अब किसी भी स्कूल में 15 साल से पुरानी पस नहीं चल सकेगी। सरकार ने इन सब नियमों का प्रारूप भी तैयार कर लिया है।
20 दिन का ही समय बाकी
राज्य सरकार ने इस नियम पर दावे और आपत्तियां मंगवाई है। इसके लिए अंतिम तारीख 31 मार्च रखी गई है। इसके बाद मध्यप्रदेश मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन कर नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।
नोटिफिकेशन जारी होते ही जरूरी होगा यह नियम
-सरकार के नोटिफिकेशन जारी करते ही संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट काम करना शुरू कर देगा।
-अब सभी यात्री बसों में जीपीएस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे लगाना जरूरी होने जा रहा है।
-दोनों उपकरण लगाने पर ही यात्री बसों को मध्यप्रदेश के अलग-अलग मार्गों पर बसों को परमिट दिया जाएगा।
-वाहन चालकों को पुलिस वेरीफिकेशन भी देना होगा। चरित्र सत्यापन के बाद ही उन वाहन चालकों को परमित दिया जाएगा।
-बगैर वेरीफिकेशन वाले चालक वाहन चलाने के हकदार नहीं होंगे।
स्कूलों के लिए भी नियम
अब मध्यप्रदेश की सीमा में किसी भी स्कूल की बस 15 साल से पुरानी नहीं होना चाहिए। जो पसें 15 साल से पुरानी होंगी उन्हें परमिट नहीं दिया जाएगा।
सामान्य बसों में लगेंगे कैमरे
प्रभारी आरटीओ संजय तिवारी के मुताबिक मध्यप्रदेश की सीमा में चलने वाली एसी, डीलक्स, चार्टर्ड और सामान्य बसों सहीत सभी प्रकार की बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाना जरूरी किया जा रहा है। इसके साथ ही बसों में जीपीएस सिस्टम भी लागना होगा। राज्य सरकार ने एक मार्च को इसका प्रारूप जारी कर दिया है।
Published on:
10 Mar 2018, 3:15 PM IST
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