
प्रदेश और देश के पर्यटकों को रिझाने वाला तवा बांध अब वैश्विक पर्यटकों का ध्यान खींचने को तैयार है। असल में शासन ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को रामसर साइट में जगह पाने के लिए इस बार एकमात्र प्रस्ताव तवा बांध का भेजा है। विभाग परिक्षण कर रहा है, जिसके बाद इसे रामसर सचिवालय स्विटजरलैंड भेजा जाएगा। बांध नर्मदापुरम जिले में नर्मदा की सहायक नदी तवा पर है जिसका जो 1978 से नर्मदापुरम व हरदा जिले के किसानों की समृद्धि का कारण बना हुआ है क्योंकि एकमात्र यही तालाब है जिसकी नहरों से दोनों जिलों में रबी फसलों की सिंचाई होती है।
बढ़ेंगी गतिविधियां, रोजगार के अवसर भी
यदि बांध को रामसर साइट का दर्जा मिलता है तो यह वैश्विक पटल पर आ जाएंगे। यहां पर्यटन गतिविधियां बढ़ जाएंगी। ज्ञात रहे कि साल 2002 से बड़ा तालाब और साल 2022 से इंदौर का सिरपुर, यशवंत सागर व शिवपुरी के सख्या सागर को रामसर साइट का दर्जा प्राप्त है। राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि जब कोई जलस्रोत उक्त श्रेणी में सूचीबद्ध होता है तो उसका संरक्षण वैश्विक मानकों के आधार पर करने की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। खासियत बांध का निर्माण 1958 से शुरू हुआ और 1978 में पूरा हुआ। ऊंचाई 59 मीटर। 1.9 किलोमीटर है। जल भराव की अनुमानित क्षमता 1944 मिलियन घन मीटर है।
Updated on:
08 Jan 2024 08:07 am
Published on:
08 Jan 2024 08:06 am

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