
MP Election 2018: विधानसभा चुनाव की अधिकांश सीटों पर नाम तय, कुछ पर अटके
भोपाल। भाजपा और कांग्रेस में दिग्गज नेताओं के पुत्रों को लेकर पेच फंसा हुआ है। दोनों ही पार्टी यह तय नहीं कर पा रहीं हैं कि कितने नेता पुत्रों को मैदान में उतारा जाए।
अधिकांश सीटों पर नाम फाइनल हो चुके हैं, लेकिन नेताओं के अपने पुत्रों और परिजनों के लिए टिकट मांगने के कारण कुछ सीटों पर असमंजस की स्थिति है। दोनों दल उम्मीदवारों की पहली सूची गुरुवार को जारी कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार देर रात केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गए।
इससे पहले दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और दूसरे केंद्रीय नेताओं के साथ हुई बैठक में भी नेता पुत्रों को लेकर कोई हल नहीं निकल पाया।
शाह साफ कर चुके हैं कि एक परिवार से एक ही सदस्य को टिकट मिलेगा और वह भी जिताऊ की शर्त पर। उधर कांग्रेस के दिग्गज नेता सत्ता का वनवास खत्म करने से ज्यादा अपने पुत्रों का भविष्य संवारने में लगे हैं।
पार्टी ने सर्वे को सर्वोपरि रखने का ऐलान किया है, लेकिन बड़े नेताओं की जिद हावी होती दिख रही है।
ये भी हैं कतार में
भाजपा में कुछ नेता पुत्रों के लिए भीतरखाने से नाम आगे बढ़ाए गए हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र ङ्क्षसह तोमर के पुत्र देवेंद्र प्रताप रामू, प्रभात झा के पुत्र तुष्मुल, गणेश सिंह के भाई उमेश प्रताप, रुस्तम सिंह के पुत्र राकेश, इंदौर महापौर मालिनी गौड़ के पुत्र एकलव्य का नाम शामिल है।
भाजपा नेताओं का पुत्रमोह:-
1. गौरीशंकर शेजवार (वन मंत्री) : वे सांची सीट से पुत्र मुदित को टिकट दिलाना चाहते हैं, लेकिन पार्टी उन्हें ही टिकट देना चाहती है।
2. जयंत मलैया (वित्तमंत्री): वे पुत्र सिद्धार्थ के लिए दमोह से प्रयास कर रहे हैं। पार्टी जयंत को ही जिताऊ मानती है।
3. गौरीशंकर बिसेन (कृषि मंत्री) : वे बेटी मौसम को टिकट दिलाना चाहते हैं। इसका सांसद बोधसिंह भगत ने खुलकर विरोध किया है।
4. ज्ञानसिंह (सांसद) : वे अपने पुत्र शिवनारायण को फिर खड़ा करने के पक्ष में हैं। पार्टी ज्ञान को लड़ाना चाहती है।
5. कैलाश विजयवर्गीय (महासचिव) : वे महू से बेटे आकाशको उतारना चाहते हैं पर संगठन कैलाश को टिकट देने के पक्ष में है।
6. लक्ष्मीनारायण यादव (सांसद) : वे खुद के साथ अपने पुत्र सुधीर
यादव के लिए भी टिकट की मांग रहे हैं।
7. सुमित्रा महाजन (स्पीकर) : ताई ने बेटे मंदार के लिए टिकट मांगा है, इंदौर की सीटों पर पहले ही दावेदार ज्यादा हैं।
8. फग्गन सिंह कुलस्ते (सांसद) : इन्होंने अपने दामाद संजय कुसराम के लिए बिछिया सीट से टिकट मांगा है।
कांग्रेस में परिवारवाद :-
1. प्रेमचंद गुड्डू (पूर्व सांसद) : वे आलोट सीट से पुत्र अजीत को चुनाव लड़ाना चाहते हैं, लेकिन पार्टी उन्हें ही टिकट देना चाहती है।
2. महेश जोशी : वे पुत्र पिंटू को इंदौर-3 सीट से उतारना चाहते हैं। उनके भतीजे अश्विन पहले से ही टिकट की दौड़ में है।
3. कांतिलाल भूरिया (पूर्व सांसद) : भूरिया पुत्र विक्रांत का टिकट झाबुआ सीट पर चाहते हैं। भतीजी कलावती भी दावेदार हैं।
4. सुंदरलाल तिवारी (गुढ़ विधायक) : वे भतीजा बहू अरुणा को सिरमौर सीट से टिकट दिलाना चाहते हैं। भतीजा विवेक यहां से हार गए थे।
5. सत्यव्रत चतुर्वेदी (पूर्व राज्यसभा सदस्य) : वे पुत्र नितिन के लिए राजनगर से टिकट मांग रहे हैं। भाई आलोक भी दावेदार हैं।
6. सत्यनारायण पटेल : वे देपालपुर से बेटे विनोद को टिकट दिलाना चाहते हैं। पटेल पिछली बार सीडी कांड में फंसने से हार गए थे।
कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची आज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि पहली सूची गुरुवार शाम 4 बजे घोषित की जाएगी। पार्टी की कोशिश है कि पहली सूची में अधिकांश उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाए। कांग्रेस अब तक डेढ़ सौ सीटों पर सिंगल नाम तय कर चुकी है।
Published on:
01 Nov 2018 07:03 am
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