
Chhindwara assembly election-2018
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सरकार पर आरोप लगाया है कि उसे गौ-माता से नहीं, गोल्फ कोर्स से प्यार है। कमलनाथ ने बुधवार को कहा, भाजपा के लोग गौ-माता के नाम पर हल्ला मचाते हैं, लेकिन हमारे हर पंचायत में गौशाला खोलने के वचन पर उनके पेट में दर्द हो जाता है।
18वीं सेंसस में प्रदेश में गौ-धन की संख्या में भारी कमी आई है। प्रदेश में 2.19 करोड़ गौधन था, जो पांच सालों में 1.96 करोड़ रह गया। भाजपा के शासनकाल में 23.13 लाख गौ-धन खत्म हो गया।
कमलनाथ ने कहा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जवाब दें गौधन कहां गया। भैंसों की संख्या 91.29 लाख से कम होकर 81.87 लाख रह गई।
कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची आज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि पहली सूची गुरुवार शाम 4 बजे घोषित की जाएगी।
पार्टी की कोशिश है कि पहली सूची में अधिकांश उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाए। कांग्रेस अब तक डेढ़ सौ सीटों पर सिंगल नाम तय कर चुकी है।
इधर, दिल्ली में कर रहे टिकट की दावेदारी...
वहीं मध्यप्रदेश की शाजापुर सीट से भाजपा के टिकट की दावेदारी जता रहे रामप्रसाद का कहना है कि मौजूदा विधायक का टिकट काटकर नए लोगों को दिया जा रहा है तो हम कौन-से बुरे हैं।
वैसे भी हमारी तीसरी पीढ़ी राजनीतिक रूप से सक्रिय है।' रामप्रसाद दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में पदाधिकारियों से मिलने की कोशिश कर रहे हैं। रामप्रसाद बोले, ये पता करना है कि पैनल में नाम है या नहीं।
भाजपा मुख्यालय में रामप्रसाद की तरह मध्यप्रदेश के सतना, रीवा, ग्वालियर, भिंड और राजस्थान के जयपुर, अलवर, भरतपुर जिलों के दावेदार अपने समर्थकों के साथ घूम रहे हैं।
कोई खुद के लिए टिकट का जुगाड़ कर रहा है तो किसी को ये चिंता है कि प्रतिद्वंद्वी को टिकट नहीं मिल जाए। राजस्थान से जुड़े कोई पार्टी पदाधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं हैं।
कैलाश विजयवर्गीय के कमरे के बाहर मध्यप्रदेश के दावेदारों की भीड़ है। उनको उम्मीद है कि देर शाम तक बैठेंगे तो किसी न किसी से मुलाकात हो ही जाएगी। ऐसे ही एक दावेदार धरम सिंह अपना बायोडाटा पकड़ाते हुए कहते हैं कि देखिए हमने कितना काम किया है।
वे अपने झोले से मिठाई का डिब्बा निकालते हैं और कहते हैं कि पुराने वाले हनुमानजी के मंदिर का प्रसाद है। आप भी खाइए। दुआ करिए कि हमें टिकट मिल जाए। कालापीपल से दावेदारी जता रहे हैं।
ऐसे कई दावेदार भाजपा मुख्यालय और बड़े नेताओं के यहां चक्कर लगा रहे हैं। कई टिकटार्थियों का मानना है कि जयपुर या भोपाल में जो निर्णय होना था हो गया। अब जो होगा दिल्ली में होना है।
टिकट के दावेदार मौजूदा विधायक के काम के बारे में कह रहे हैं कि किसी ने कुछ नहीं किया। उन्हें इस बात का भरोसा है कि भाजपा ज्यादातर मौजूदा विधायकों के टिकट काटकर नए लोगों पर भरोसा जताएगी।
Updated on:
1 Nov 2018, 8:36 AM IST
Published on:
1 Nov 2018, 8:32 AM IST
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