27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

MP election 2018: ये होगा सपाक्स का चुनाव चिन्ह !

सपाक्स पार्टी को अभी चुनाव आयोग से राजनीतिक दल का दर्जा नहीं...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Deepesh Tiwari

•

Updated: 2 Nov 2018, 10:14 AM IST

sapaks

sapaks

भोपाल। विधानसभा चुनाव के लिए सपाक्स पार्टी और संपूर्ण समाज पार्टी ने गुरुवार को गठबंधन कर लिया। अब सपाक्स पार्टी का चुनाव चिन्ह 'अंगूठी' होगा। सपाक्स अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी ने इसका ऐलान किया।

वहीं, सपाक्स के प्रांताध्यक्ष केदार सिंह तोमर ने सरकारी नौकरी छोडऩे का ऐलान कर दिया। उनके इस्तीफे की एक महीने की नोटिस अवधि 31 अक्टूबर को पूरी हो चुकी है। सपाक्स पार्टी को अभी चुनाव आयोग से राजनीतिक दल का दर्जा नहीं मिला है।

इस कारण पूरे प्रदेश के लिए कोई एक चुनाव चिन्ह मिलने में परेशानी थी। संपूर्ण समाज पार्टी के पास पहले से अंगूठी चिन्ह था। वह भी आरक्षण के विरोध में है।


MUST READ:असमंजस: तो क्या निर्दलीय कहलाएंगे सपाक्स प्रत्याशी?

संपूर्ण समाज पार्टी के प्रांताध्यक्ष का पद भी केदार सिंह तोमर को दिया गया, जो अभी सपाक्स के प्रांताध्यक्ष हैं।

तोमर ने बीते महीने पशुपालन विभाग में अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। इसके लिए एक महीने का नोटिस 31 अक्टूबर तक के लिए दिया गया था।

MUST READ : भाजपा कांग्रेस के कुछ बड़े चेहरे भी लड़ सकते हैं! सपाक्स से चुनाव

इधर, कप्यूटर बाबा को श्रीपंच दिगंबर अणि अखाड़े से किया निष्कासित...
अखिल भारतीय श्रीपंच दिगंबर अणि अखाड़े ने गुरुवार को कंप्यूटर बाबा को निष्कासित कर दिया है। उनको प्रयाग में 2019 में होने वाले महाकुंभ में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

अखाड़े के सचिव महंत शिवशंकर दास ने मीडिया को बताया कि महामंडलेश्वरों, महंतों और षड्दर्शन साधु समाज की बैठक में कंप्यूटर बाबा के कार्य और गतिविधियों पर विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय किया गया है।
यह पाया गया कि नामदेव दास उर्फ कंप्यूटर बाबा व्यक्तिगत स्वार्थ और राजनीति के लिए अखाड़े और साधु समाज का उपयोग कर रहे हैं। जबकि, उन्होंने महामंडलेश्वर बनते समय शपथ ली थी कि इस पद का उपयोग निजी स्वार्थ के लिए नहीं करेंगे। अब उनको प्रयाग महाकुंभ में जमीन आवंटित नहीं की जाएगी।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद कम्प्यूटर बाबा पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है। परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि और महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने बताया कि कम्प्यूटर बाबा 13 अखाड़े लेकर सरकार के विरुद्ध प्रचार कर रहे थे। संत समाज का किसी दल से सरोकार नहीं है। अखाड़े के निर्णय से 13 अखाड़े सहमत हैं।

सरकार को उखाड़ फेंकेंगे
कंप्यूटर बाबा ने इंदौर में कहा, नर्मदा व धर्म की रक्षा के लिए जीवन न्योछावर कर दूंगा। धर्म की रक्षा के लिए आदिनाथ शंकराचार्य ने अखाड़ा परिषद की स्थापना की थी न कि शिवराज की भ्रष्ट सरकार को बचाने के लिए। यहां अखाड़ा परिषद भ्रष्ट शिवराज सरकार को बचा रही है।

शिवराज सरकार को हर हालात में उखाड़ फेंकेंगे। संत समाज मेरे साथ है। उन्होंने अखाड़े से अपने निष्कासन को सरकार के दबाव में की गई कार्रवाई करार दिया। उन्होंने कहा, मैं कोई चुनाव नहीं लड़ूंगा।