10 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

टिकट नहीं मिला तो कोई पढ़ाएगा स्कूल में,कोई बनाएगा कार्टून

कुछ निर्दलीय चुनाव लडऩे की तैयारी में...

2 min read
Google source verification
election

टिकट नहीं मिला तो कोई पढ़ाएगा स्कूल में,कोई बनाएगा कार्टून

भोपाल। इस चुनावी सीजन में सैकड़ों नेता टिकट का जुगाड़ कर रहे हैं। हर विधानसभा क्षेत्र में एक अनार सौ बीमार जैसे हालात हैं। टिकट आखिर एक को ही मिलना है।

ऐसे में बड़ा सवाल ये हैं कि टिकट कटने पर दूसरे नेता क्या करेंगे? इस सवाल पर माननीयों के बड़े दिलचस्प जवाब सामने आए।


किसी ने कहा कि पहले की तरह अखबार में कार्टून बनाने का पेशा शुरू कर देंगे। कोई बोला, लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करेंगे। इसी बीच सियासत का दूसरा पहलू ये हैं कि कुछ नेता निर्दलीय चुनाव लडऩे की तैयारी भी कर रहे हैं।

कुछ का कहना है कि पार्टी की रीति-नीति के बंधन के कारण बागी नहीं होंगे, लेकिन उनका काम भी नहीं करेंगे।

सीहोर में त्रिकोणीय संघर्ष
सीहोर में भाजपा के अंदर त्रिकोणीय संघर्ष है। ये संघर्ष निर्दलीय विधायक सुदेश राय, पूर्व विधायक रमेश सक्सेना, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा के बीच है। टिकट तय होने के बाद कोई खुलकर सामने आएगा और निर्दलीय चुनाव लड़ेगा तो कोई चुपचाप भितरघात करेगा। जसपाल अरोरा चुनाव लडऩे की बात कह चुके हैं।

ये बनाएंगे कार्टून
भांडेर विधायक घनश्याम पिरोनियां जाने-माने कार्टूनिस्ट हैं। पिरोनियां दो टूक कहते हैं, टिकट नहीं मिला तो किसी अखबार से जुड़ जाएंगे। कार्टून बनाकर रोजी रोटी कमाएंगे।

कांग्रेस एमएलए चलाएंगे स्कूल
हरदा से विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने पीएचडी हैं। उनका अपना स्कूल भी है। दोगने ने 'बदलते समय में गुर्जर समाज का परिस्थितीय समायोजनÓ विषय पर पीएचडी की है। दोगने कहते हैं कि राजनीति से दूर हुए तो वे स्कूल चलाएंगे। समाज को जागरूक करेंगे और बच्चों को पढ़ाएंगे-लिखाएंगे।

विंध्य में भी बगावत
मैहर में सीएम की जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान भाजपा के मौजूदा विधायक नारायण त्रिपाठी के खिलाफ पार्टी नेता मोतीलाल तिवारी आ गए थे।

तिवारी ने साफ कहा है कि त्रिपाठी को टिकट दिया तो वे हार जाएंगे। यही विजयराधौगढ़ में सामने आया था। समाज कल्याण बोर्ड की पूर्व अध्यक्ष पद्मा शुक्ला ने टिकट मिलते न देख कांग्रेस का दामन थाम लिया। उनके प्रतिद्वंद्वी संजय पाठक कहते हैं कि जो लहर में चुनाव न जीत पाईं वे अब क्या चुनाव जीतेंगी।