
महानवमी: हवन-पूजन के साथ भंडारे, 190 बस्तियों में 21 हजार कन्याओं का पूजन
भोपाल. नवरात्र उत्सव के आखिरी दिन महानवमी पर मां सिद्धदात्री की आराधना की गई। शहर में तकरीबन 300 स्थानों पर हवन-पूजन, कन्याभोज के साथ भंडारे हुए। शहर के मंदिरों में सुबह से रात्रि तक दर्शनार्थियों की भीड़ रही साथ ही झांकी स्थलों पर भी देर रात तक लंबी-लंबी कतारे देखी गई। महानवमी पर तकरीबन पौने दो लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सोमवार को नौ दिवसीय नवरात्र उत्सव का समापन हो गया। व्रतधारी श्रद्धालुओं ने भंडारों में प्रसाद लेकर व्रत का पारायण किया।
मंदिरों में लगी रही कतारें
महानवमी पर मंदिरों में दर्शनार्थियों की कतारें लगी रही। रात्रि में महाआरती भी हुई। शहर के काली मंदिर, भवानी मंदिर सोमवारा, दुर्गाधाम मंदिर, माता की मढिय़ा, पहाड़ावाली मंदिर, माता मंदिर, दुर्गा मंदिर शाहपुरा, काली मंदिर चूनाभट्टी सहित अन्य मंदिरों में भारी भीड़ रही।
जवारों के साथ विसर्जन
नवमी के साथ ही माता रानी की विदाई का सिलसिला शुरू हो गया है। कई स्थानों से महिलाओं ने सिर पर जवारे रखकर निकली व मंगल गीत गाते हुए कालीघाट सहित अन्य स्थानों पर जवारों का विसर्जन किया। इसी के साथ शहर में स्थापित छोटी प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला भी शुरू हो गया है। मंगलवार को भी अनेक प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। बुधवार रात्रि में दुर्गा विसर्जन चल समारोह निकाले जाएंगे।
आज सिंदूर खेला के साथ देंगे माता को विदाई
पांच दिवसीय बंगाली दुर्गा उत्सव का मंगलवार को दशमी के साथ समापन हो जाएगा। दशमी के मौके पर शहर की कालीबाडिय़ों में मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद बंगाली समाज की महिलाएं पहले माता रानी को ङ्क्षसदूर अर्पित करेगी, फिर एक दूसरे को ङ्क्षसदूर लगाकर नवरात्र की बधाई देगी। ङ्क्षसदूर खेला के बाद देर शाम को माता रानी की विदाई होगी, और चल समारोह के रूप में माता रानी का विसर्जन किया जाएगा।
सेवा भारती ने कन्याओं को वितरित किए उपहार
सेवा भारती महानगर के अंतर्गत सात मंडलों के 190 सेवा बस्तियों में कन्या पूजन, प्रसाद वितरण और उपहार भेंट किए गए। सेवा भारती के करण ङ्क्षसह कौशिश, अजीत माधवानी, त्रिलोकी अग्रवाल आदि ने कन्याओं की पूजा कर उपहार वितरित किए। सेवा भारती महानगर के भगवानदास ढालिया ने बताया करीब 21000 कन्याओं की पूजा अलग-अलग बस्तियों में की गई और उपहार बांटे गए।
कहां-कितनी
प्रतिमाओं का विसर्जन
प्रेमपुरा - 12
हथाईखेड़ा घाट - 10
कमलापति घाट - 08
खटलापुरा - 05
संतहिरदाराम घाट - 05
शाहपुरा घाट - 05
मालीखेड़ी घाट - 04
नोट: विसर्जित प्रतिमाओं की संख्या रात्रि 8 बजे तक
Published on:
25 Oct 2023 12:40 am
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