
गोपिकाओं की मुनहार- मैं तो गोवर्धन को जाऊं, मेरे वीर नई माने मेरो मनुवा...
भोपाल। श्यामला हिल्स स्थित मानस भवन में चल रही महारासलीला में बुधवार को गोवर्धन पूजा प्रसंग हुआ। इस मौके पर आकर्षक झांकी सजाई गई। गोवर्धन पूजा के साथ-साथ खाटू श्याम की झांकी खास आकर्षण का केंद्र रही। रासलीला मंडली के कलाकारों ने एक से बढक़र एक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। संगीतमय भजनों की स्वरलहरियों पर श्रद्धालुओं ने भक्ति नृत्य किया।
महारासलीला में वृंदावन की प्रसिद्ध रासलीला मंडली के कलाकारों ने एक से बढक़र एक प्रस्तुतियां दी। कृष्ण लीलाओं पर आधारित प्रसंगों की प्रस्तुतियों ने कलाकारांे ने अपने अभिनय से जीवंत बना दिया। इस अवसर पर ब्रज गोपिकाओं के द्वारा मनुहारी गीत ‘‘मैं तो गोवर्धन को जाऊँ मेरे वीर नई माने मेरो मनुवा’’ प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। रोजाना की तरह नृत्य रास विहार के माध्यम से राधा रानी ने अपनी सखियां ललिता, विशाखा और बबीता आदि के साथ लोकगीत ‘‘कान्हा ने बासुंरी बजायी आज रंग सो मुरारी’’ एवं ‘‘तू एक बार आजा गिरिराज की शरण’’ प्रस्तुत कर श्रोताओं को झूमने के लिये मजबूर कर दिया। इस मौके पर खाटू श्याम की सुन्दर झांकी के दर्शन के साथ-साथ सुंदर नृत्य प्रस्तुत किए गए।
गिरिराज पूजा का बताया महत्व
इस मौके पर आचार्य श्रीनाथजी ने गिरिराज पूजा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ही खाटू श्याम है। गोवर्धन पूजा प्रसंग के अंतर्गत भगवान कृष्ण ने कहा कि प्रकृति मेरा ही स्वरूप है। जो प्रत्यक्ष रूप से हम सबकी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करती है। अत: क्यों न उसकी पूजा की जाए। इसके पूर्व ब्रज की परंपरा थी कि सभी ब्रजवासी भगवान इन्द्र की पूजा किया करते थे, लेकिन कान्हा ने कहा कि गिरिराज की भी हम सब पर विशेष कृपा है। इसलिए इस बार गिरिराज पूजन किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, राजीव सिंह, पूर्व सांसद आलोक संजर, मनमोहन अग्रवाल, अजय श्रीवास्तव नीलू सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। गुरुवार को महारासलीला में नरसी भात और नानी बाई मायरो की प्रस्तुति होगी।
Published on:
14 Nov 2019 05:00 am
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