
भोपाल। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष शोभा ओझा कोर्ट का स्टे मिलने के बाद लॉकडाउन के बीच मंगलवार को आयोग कार्यालय पहुंची और कार्यकारिणी की बैठक ली। आयोग ने बैठक में फैसला किया है कि लंबित शिकायतों का निराकरण दो चरणों में पूरा किया जाएगा। इसके लिए जल्द आयोग की बेंच बैठेगी और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए मामलों की सुनवाई करेगी। आयोग में 17 महीनों में 10 हजार से ज्यादा शिकायतें लंबित हैं।
आयोग की बैठक में तय किया गया कि पहले चरण में गंभीर मामलों की सुनवाई की जाएगी। इसके साथ ही दूसरे चरण में जिलेवार शिकायतों की फाइलें खोली जाएगी। मंगलवार को अध्यक्ष शोभा ओझा और सदस्य संगीता शर्मा के साथ राज्य महिला आयोग की पहली बैठक हुई है। जिसमें लंबित शिकायतों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि लंबित शिकायतों के निराकरण के लिए बेंच बैठेगी। इस संबंध में निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही निर्देश दिए हैं कि बेंच शुरू करने के लिए लॉकडाउन के नियमों का ध्यान रखा जाए। गौरतलब है कि 15 महीने की पूर्व सरकार के दौरान राज्य महिला आयोग का गठन नहीं हुआ था। कांग्रेस सरकार जाने से ठीक पहले राज्य महिला आयोग में अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति हुई थी। जिसे भाजपा सरकार ने खारिज कर दिया था। फिर अध्यक्ष व सदस्य सरकार के खिलाफ कोर्ट गए थे। कोर्ट ने नियुक्ति रद्द करनेके आदेश पर स्टे दे दिया है। जिसके बाद आज अध्यक्ष व सदस्यों के साथ राज्य महिला आयोग की पहली बैठक हुई है।
लॉकडाउन में 188 शिकायतें हुई दर्ज
राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता शर्मा ने बताया कि 22 मार्च के अबतक 188 कुल शिकायतें मिली है। इन सभी शिकायतों के संबंध में संज्ञान लिया जाएगा। संबंधित जिलें के एसपी व अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
Published on:
26 May 2020 10:33 pm
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