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मानव संग्रहालय में देखने को मिलेगी माजूली की सभ्यता

संग्रहालय के झील की ओर स्थित प्रवेश द्वार पर बनेगा गेट

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human museum

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भोपाल। मानव संग्रहालय में कांगड़ा गेट की तर्ज पर एक और गेट बनाया जा रहा है। यहां आने वाले दर्शकों को इसमें असम में गुवाहाटी से करीब 150 किलोमीटर माजुली द्वीप की नदी सभ्यता की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी।

संग्रहालय के झील की ओर स्थित गेट क्रमांक-2 पर माजुली के प्रख्यात कमलाबारी सत्र के प्रमुख प्रवेश द्वार(गेट) का निर्माण किया जा रहा है। गुरुवार से इसका काम शुरू हुआ।

संग्रहालय के निदेशक प्रो. सरित कुमार चौधरी और माजुली से आए प्रफुल्ल बरुआ ने धार्मिक और पारपंरिक अनुष्ठान कर इसका निर्माण शुरू कराया। इस गेट में फेसिटिलेशन सेंटर के साथ टिकट विंडो भी रहेगी। जहां दर्शकों को संग्रहालय की पूरी जानकारी के साथ नदी सभ्यता को भी समझने का मौका मिलेगा।

क्रांकीट और वुडन का होगा यूज

मानव संग्रहालय के निदेशक प्रो. सरित कुमार चौधुरी के अनुसार गेट वुडन और क्रांकीट से तैयार किया जाएगा। कारगीर इस पर आसपास के गांव और वैष्णव संप्रदाय के कल्चर को उकेरेंगे।

माजुली द्वीप पर 36 से ज्यादा गांव हैं। द्वीप पर कमालाबारी सत्रा की कला पर बेस्ड गेट तैयार किया जाएगा। द्वीप पर बसे गांव में सत्रा उसे कहा जाता है जहां ब्रह्मचारी अपने गुरु के साथ आश्रम में रहते हैं।

इन आश्रमों के बाहर भी इस तरह के गेट तैयार किए जाते हैं। इन पर वैष्णव संप्रदाय की संस्कृति देखने को मिलती है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार कृष्ण ने यहीं 16 हजार पटरानियों से विवाह किया था। इस क्षेत्र में वैष्णव संप्रदाय की झलक साफ देखने को मिलती है।